नैनीताल, [जेएनएन]: हाई कोर्ट ने हरिद्वार में गंगा घाटों पर हर तीन घंटे में सफाई करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने इसके लिए डीएम हरिद्वार को नोडल अधिकारी बनाया है। साथ ही सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के अलावा जल संस्थान को भी गंगा की सफाई के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने गंगा की अविरलता के लिए नाले व सीवर के पानी को हर हाल में गंगा तक पहुंचने से रोकने के सख्त निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने ये आदेश हरिद्वार निवासी नरेंद्र की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में कहा गया था कि घाटों की नियमित सफाई नहंी होने से गंदगी फैल रही है और गंगा में प्रदूषण बढ़ रहा है।

मंगलवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा व न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ के समक्ष कोर्ट कमिश्नर चेतन जोशी तथा निखिल सिंघल ने रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट में चोटीवाला होटल के पास नाले, होटल, कुशावर्त घाट, गऊघाट में अब भी गंदगी से भरे होने का उल्लेख किया गया है। 

खंडपीठ ने इस रिपोर्ट के आधार पर  नगर निगम व जिला प्रशासन को गंदगी वाले घाटों व नालों की हर तीन घंटे में सफाई करने के आदेश दिए हैं। इस काम की देखरेख के लिए जिलाधिकारी दीपक रावत को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। कोर्ट कमिश्नर ने अपनी रिपोर्ट में हरिद्वार के कई घाटों पर पॉलीथिन मिलने का भी जिक्र किया है। खंडपीठ ने पिछली सुनवाई में हरिद्वार के घाटों में महिला तीर्थयात्रियों के कपड़े बदलने के लिए 25 कमरे बनाने तथा तीन माह में शौचालय बनाने के आदेश भी दिए थे। 

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