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गणेश जोशी आय से अधिक संपत्ति मामला, मंत्री के दावे के बाद कोर्ट ने निर्णय जारी करने से किया इनकार

Published: Wed, 16 Sep 2026 01:28 PM (IST)

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी को आय से अधिक संपत्ति मामले में कोर्ट के आधिकारिक फैसले से पहले ही अपने पक्ष में दावा करना भारी पड़ा।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी

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जागरण संवाददाता, नैनीताल। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी को आय से अधिक संपत्ति मामले में विचाराधीन याचिका में कोर्ट का आधिकारिक फैसला आने से पूर्व ही आदेश अपने पक्ष में बताने का दावा करना मंत्री भारी पड़ गया है।

मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ ने पूर्व में सुनवाई पूरी कर सुरक्षित रखे निर्णय को जारी करने से मना करते हुए मामले को दूसरी पीठ को रेफर करने का आदेश पारित किया है अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि आठ सितंबर 2026 को इस मामले में बहस पूरी होने के बाद निर्णय सुरक्षित रखा गया था, लेकिन अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण निर्णय दिया जाना उचित नहीं होगा।

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एकलपीठ ने हाईकोर्ट की रजिस्ट्री को इस आपराधिक पुनरीक्षण याचिका को नई पीठ नामित करने को मुख्य न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है।

देहरादून निवासी विकेश नेगी ने याचिका दायर कर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया था। इससे पूर्व वर्ष 2025 में विशेष न्यायाधीश विजिलेंस / अपर जिला जज देहरादून की अदालत ने इस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसके बाद इसे हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी।

कोर्ट के फैसला सुरक्षित रखे जाने के बाद 11 सितंबर को कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने प्रेस वार्ता में बयान दिया था कि कोर्ट में उनके विरुद्ध विचाराधीन याचिका खारिज हो गई है।

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निर्णय से पहले ही मंत्री की ओर से दावा किए जाने के बाद मंगलवार को कोर्ट में हुई प्रक्रिया के तहत न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ ने मामले को अब मुख्य न्यायाधीश के समक्ष दूसरी पीठ को संदर्भित करने के लिए भेज दिया है। अब नई पीठ के गठन पर ही आगे की सुनवाई संभव होगी।