नैनीताल, जागरण संवाददाता : राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद शाखा नैनीताल के द्विवार्षिक अधिवेशन में कर्मचारियों की समस्याएं जोर शोर से उठीं। कर्मियों ने कहा कि सरकार और अधिकारियों द्वारा उन्हें दबाव में लिया जा रहा है। प्रदेश स्तरीय संगठनों द्वारा कई बार कर्मचारी हितों को लेकर मांग करने के बावजूद इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। जल्द समस्याओं को लेकर प्रदेश स्तर पर बैठकों और रैली के साथ ही सरकार को मांग पत्र सौपने की कार्रवाई की जाएगी।

रविवार को हरमिटेज सभागार में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद कर्मचारियों का पांचवा द्विवार्षिक अधिवेशन आयोजित किया गया। इस दौरान कर्मचारियों ने विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से संगठन पदाधिकारियों के सामने रखा। अध्यक्षता कर रहे भूपाल सिंह करायत ने कहा कि आज कर्मियों पर हर तरफ से यह दबाव है। कार्य और सरकार के दबाव में कर्मी अपना हित भुलाकर भी कार्य में जुटे हुए हैं। बहादुर बिष्ट ने कहा कि कर्मियों को पूर्व में 10,16,26 वर्ष की सेवा पर एसीपी दी जाती थी। जिसे बढ़ाकर 10,20,30 कर दिया गया है।

मंडलीय अध्यक्ष केएस सामंत ने कहा कि परिषद से डेढ़ सौ से अधिक संगठन जुड़े हुए हैं। संगठन में अनुभवी और वरिष्ठ कर्मियों की कोई कमी नहीं, जिसके बावजूद संगठन की रणनीतियां सरकार के सामने कमजोर पड़ रही है। उन्होंने एकजुट होकर संगठन हित में कार्य करने पर जोर दिया। प्रांतीय पर्यवेक्षक बृजेश कांडपाल ने कहा कि सरकार संगठनों को तोड़ने का काम कर रही है, लेकिन एकजुटता दिखाकर ही कर्मचारी हितों के लिए लड़ी जा रही लड़ाई को आगे बढ़ाया जा सकता है।

कहा कि पुरानी पेंशन बहाली, पदोन्नति में शिथिलता और कर्मचारियों व पेंशन धारियों के बनाए गए गोल्डन कार्डो के लिए लिया गया शुल्क वापस करने की मांग संगठन लगातार कर रहा है। सरकार द्वारा कोई सुनवाई नहीं की जा रही। इसके विरोध में 27 सितंबर को प्रदेश स्तर पर रैली निकालने के साथ ही 6 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान गिरीश जोशी, पीके शर्मा, बृजेश कांडपाल, भुवन बिष्ट, दीपक बिष्ट, नंदा बल्लभ पालीवाल, गणेश बिष्ट, नवल किशोर, कुंवर बिष्ट, गणेश नयाल, असलम अली, रमेश कनवाल, रणजीत थापा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

Edited By: Skand Shukla