जागरण संवाददाता, चम्पावत : बुधवार को उत्तराखंड अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक समन्वय समिति की गेट मीटिंग में संगठन की विभिन्न मांगों को लेकर चर्चा की गई। इस दौरान प्रांतीय संगठन द्वारा जारी रोस्टर के अनुरूप आंदोलन में भागीदारी करने का निर्णय लिया गया। 

बुधवार को लोनिवि कार्यालय में मुख्य संयोजक सुरेंद्र सिंह सौन, जीवन चंद्र ओली, मुख्य सलाहकार महेश चंद्र जोशी के नेतृत्व में 16 सूत्रीय मांगों को लेकर हुई चर्चा में वक्ताओं ने मांगों का हल न निकाले जाने पर सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया। कर्मचारियों ने राज्य कर्मचारियों, शिक्षकों, निगम, निकाय, पुलिस कर्मचारियों को पूर्व की भांति 10,16 व 26 वर्ष की सेवा पर पदोन्नति न होने की दशा में पदोन्नति वेतनमान दिए जाने, गोल्डन कार्ड की विसंगतियों का निराकरण करते हुए केंद्रीय कर्मचारियों की भांति सीजीएचएस की व्यवस्था लागू करने, पदोन्नति हेतु पात्रता अवधि में शिथिलता बहाल करने, केंद्र सरकार की तरह प्रदेश के कर्मचारियों हेतु 11 प्रतिशत महंगाई भत्ते की घोषणा करने, मिनिस्ट्रीयल संवर्ग में कनिष्ठ सहायक के पद की शैक्षिक योग्यता बढ़ाकर स्नातक करने, राजकीय वाहन चालकों का ग्रेड वेतन 4800 करने, पूर्व में शासन स्तर पर हुई बैठकों में किए गए समझौतों को लागू करने आदि मांगे प्रमुखता से रखीं। 

निर्णय लिया गया कि मांगें पूरी न होने पर 20 सितंबर को जिला मुख्यालय में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया जाएगा। 27 सितंबर को देहरादून में होने वाले प्रदर्शन में जिले के कर्मचारी शामिल होंगे। पांच अक्टूबर को प्रदेश स्तरीय हुंकार रैली में भी जिले के कर्मचारी हिस्सा लेंगे। बैठक में राजेश जोशी, निर्मल महर, दिनेश चंद्र, प्रमोद खर्कवाल, संदीप तिवारी, दत्त राम, पंकज बोहरा, कैलाश चंद्र पंत, आजाद बिनवाल, लता तड़ागी, हेमंत उप्रेती, मीनाक्षी रानी, तनुजा, राजीव कुमार, अंबा दत्त जोशी, निर्मल पुनेठा, उमेश भट्ट, संजीव कुमार, कमल पाठक सहित दर्जनों कर्मचारी मौजूद रहे।

Edited By: Prashant Mishra