- चार साल में 1242 से बढ़कर 1548 पहुंचे चोरी के मामले

- इस वर्ष अप्रैल और मई में ही चोरी के 342 मामले आए

बिजली :::

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : ऊर्जा निगम बिजली चोरी रोकने के लिए समय समय पर अभियान चलाता रहता है, बावजूद इसमें कमी देखने को नहीं मिल रही है। हल्‍द्वानी मेें पिछले चार सालों में बिजली चोरी 20 फीसदी बढ़ गई है। यहां तक कि इस वर्ष अप्रैल मई में ही बिजली चोरी के 342 नए मामले सामने आए हैं।

आंकड़ों के अनुसार जिले में वित्तीय वर्ष 2018-2019 में बिजली चोरी के 1242 मामले सामने आए थे। जिनमें से 342 विजिलेंस की टीम और 900 मामले विभागीय डिवीजन ने छापेमारी कर पकड़े थे। जिसके बाद वित्तीय वर्ष 2021-22 में यह आंकड़ा 1548 पहुंच गया। यानी कि बिजली चोरी में करीब 20 प्रतिशत बढ़ोतरी हो गई है।

ऊर्जा निगम के अधिकारियों के मुताबिक बिजली चोरी रोकने के लिए विभाग और विजिलेंस की टीम लगातार छापेमारी कर रही है। इससे विभाग को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है, इसके अलावा विद्युत उपभोक्ताओं से मीटर रीडिंग और चेकिंग के नाम पर कुछ लोग अवैध वसूली करने का काम कर रहे हैं, जिनसे सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बिना आइ कार्ड वाले व्यक्ति को अपने मीटर रीडिंग या विद्युत संबंधित किसी भी तरह की कोई गतिविधियों पर बात नहीं करनी है, इसकी शिकायत विद्युत विभाग को करें।

बिजली कटौती से परेशान रहे पालीशीट के लोग

पालीशीट में बार बार बिजली कटौती से तेज गर्मी के बीच लोग काफी परेशान रहे। पूर्व पार्षद मुन्ना पोखरिया का कहना है कि सोमवार को शाम चार बजे से पांच बजे तक बिजली कटौती रही। फिर आधे घंटे बाद से शाम सात बजे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। इस दौरान पानी की आपूर्ति होती है, परंतु बिजली न होने से लोग पानी भी नहीं भर पाए।

वहीं, शाम के समय छह बजे से सात बजे तक रोस्टिंग के चलते पूरे शहर में एक घंटे तक बिजली गुल रही। इस दौरान सबसे अधिक परेशानी कंप्यूटर और इलेक्ट्रिक उपकरणों का उपयोग करने वाले व्यापारियों को उठाना पड़ा। वहीं, तेज गर्मी के बीच लोग घरों में बिजली कटौती से परेशान रहे।

Edited By: Skand Shukla