जागरण संवाददाता, हल्द्वानी: शहरी क्षेत्र के लोगों को बिजली के पोल व तारों के जंजाल से मुक्ति दिलाने को लेकर कवायद शुरू हो गई है। मसूरी व हरिद्वार की तर्ज पर बिजली की लाइनों को अंडरग्राउंड करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसे लेकर शुक्रवार को अधीक्षण अभियंता की मौजूदगी में बैठक भी की गई। एशियन डेवलेपमेंट बैंक द्वारा प्रोजेक्ट के लिए बजट उपलब्ध कराया जाएगा। दून-हल्द्वानी समेत प्रदेश के कई शहरों में इस तरह का सर्वे चल रहा है।

ऊर्जा निगम के मुताबिक हल्द्वानी के नगर निगम क्षेत्र में लाइनों को भूमिगत करने की योजना है। एससी तरुण कुमार, ईई शहरी डीएस बिष्ट, ईई ग्रामीण दीन दयाल पांगती व एसडीओ संग आयोजित बैठक में चर्चा की गई कि इस काम को कैसे किया जाएगा। फिलहाल मुख्य मार्गों को इस प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है। क्योंकि, गली-मोहल्लों की लाइनों को शिफ्ट करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। निगम अफसरों के मुताबिक मसूरी में लाइन अंडरग्राउंड हो चुकी है। हरिद्वार में कुंभ क्षेत्र में यह काम हो चुका है। अब हल्द्वानी के प्रस्ताव बनाने की तैयारी चल रही है।

खर्चा ज्यादा मगर भविष्य सुरक्षित

मानसून सीजन के दौरान सिर्फ हल्द्वानी क्षेत्र में हर साल लाखों रुपये का नुकसान लाइन टूटने और अन्य क्षति की वजह से होता है। भूमिगत लाइन में खर्चा ज्यादा आएगा। लेकिन कुछ वजहों से यह भविष्य के लिए बेहतर योजना साबित होगी। निगम को आंधी-तूफान से होने वाले नुकसान से निजात मिलने के साथ लाइन लॉस नहीं होगा। जबकि बिजली चोरी भी बंद होगी। बिजली चोरी के मामले में हल्द्वानी का नाम टॉप टेन शहरों में है।

भूमिगत लाइन के फायदे

:बिजली चोर केबल में कट नहीं लगा पाएंगे।

:कटिया डाल चोरी करने वालों को मौका नहीं मिलेगा।

:रोजाना के लोकल फाल्ट से लोगों व निगम को मिलेगी राहत।

:आंधी-तूफान में बिजली की लाइनें प्रभावित नहीं होंगी।

:लाइन लोस नहीं होने से उपभोक्ताओं को मिलेगी ज्यादा बिजली।

:झूलती तारों की वजह से हादसों का ग्राफ कम होगा।

एससी ऊर्जा निगम तरुण कुमार ने बताया कि प्राथमिक बैठक में अफसरों संग इस प्रोजेक्ट को लेकर चर्चा की गई थी। एडीबी द्वारा फंडिंग की जानी है। हालांकि, लंबी प्रक्रिया होने के कारण प्रस्ताव बनाने में वक्त लगेगा।

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Edited By: Prashant Mishra