ज्ञानेंद्र कुमार शुक्ल, रुद्रपुर। सीएमओ कार्यालय में कर्मचारियों की कार्यशैली सवालों के घेरे में आ चुकी है। यहां पर कार्यालय में एनएचएम पटल से करीब सात कार्मिकों के शैक्षणिक अभिलेख गायब हो गए। जिसकी जानकारी होने पर आनन-फानन सीएमओ की तरफ से लायल्टी बोनस रोके जोन की चेतावनी के बीच सभी से 11 अक्टूबर तक शैक्षणिक अभिलेख कार्यालय को उपलब्ध कराए जाने के निर्देश जारी किए गए थे। इसी बीच अभिलेखों के मांगे जाने पर कड़ा एतराज जाते हुए पीसीपीएनडीटी प्रकोष्ठ के जिला समन्वयक ने सीएमओ को शिकायती पत्र लिखकर अभिलेख देने से इंकार कर दिया है। पत्र में समन्वयक ने कहा कि यदि गार्ड फाइल से अभिलेख खो गए हैं तो इसकी सूचना संबंधित थाने में कराई जानी चाहिए। अभिलेख मांगे जाने का कोई औचित्य नहीं हैं। पत्र के बाद सीएमओ कार्यालय में हड़कंप मचा हुआ है।

एनएचएम में बीती तीन व पांच वर्ष से लगातार कार्यरत संविदा कार्मिकों को इस बार शासन ने लायल्टी बोनस दिए जाने का फरमान जारी किया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार जिले के दूसरे ब्लाकों में लायल्टी बोनस एनएचएम संविदा कार्मिकों को मिल भी चुका है। लेकिन सीएमओ कार्यालय में कार्यरत एनएचएम कार्मिकों को बोनस नहीं मिला है। इसके पीछे बताया जा रहा है कि पर्सनल फाइल में करीब 15 से अधिक कार्मिकों के शैक्षणिक अभिलेख गायब हो गए हैं। जिसकी जानकारी जैसे ही डाटा मैनेजर से सीएमओ डा. देवेंद्र ङ्क्षसह पंचपाल को मिली तो उनकी तरफ से एक पत्र जारी किया गया । जिसमें निर्देश दिए गए कि सभी कार्मिक अपने अभिलेख बीती 11 अक्टूबर तक कार्यालय को उपलब्ध करा दें। नहीं तो उनका रायल्टी बोनस रोक दिया जाएगा। सीएमओ की तरफ से जारी पत्र में सात संविदा कार्मिकों के नाम शामिल किए गए हैं जिनके अभिलेख पर्सल फाइल में नहीं हैं। जिनके नाम शामिल हैं उनमें पीसीपीएनडीटी के जिला समन्वयक प्रदीप मेहर, बीसीसी फैसिलेटर पंकज गोंसाई, संजय पांडेय, उमेश पाल, रवि कुमार, दीपक जोशी व रङ्क्षवद्र राना के नाम शामिल हैं।

जिला समन्वयक ने दर्ज कराई शिकायत

एनएचएम में पीसीपीएनडीटी के जिला समन्वयक प्रदीप मेहर ने शैक्षणिक अभिलेख मांगे जाने पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। सीएमओ डा. देवेंद्र ङ्क्षसह पंचपाल को संबोधित शिकायती पत्र में मेहर ने कहा कि पूर्व में कार्यालय को वह राज्य मुख्यालय को शैक्षणिक अभिलेख मांगे जाने पर कई बार उपलब्ध कराए जा चुके हैं। ऐसे में अभिलेख मांगा जाना गंभीर विषय है। यदि संबंधित पटल से अभिलेख गायब हो गए हैं तो पटल प्रभारी संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराकर सूचित करें। मेहर ने यह भी कहा कि कार्यालय में बीते दो वर्षों से दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है।

एनएचएम डाटा मैनेजर डीएस भंडारी ने बताया कि  एनएचएम संविदा कार्मिकों से लायलटी बोनस के लिए शैक्षणिक अभिलेख मांगे गए हैं। जिससे आवश्यकता पडऩे पर किसी सूचना मांगे जाने पर काम आ सकें। पूर्व में कब अभिलेख जमा कराए गए थे। इसकी जानकारी नहीं है। फिलहाल उनके पास अभिलेख नहीं हैं। किसी -किसी कर्मचारी के राज्य मुख्यालय में भी अभिलेख हो सकते हैं। यह कर्मचारी 2013 तो कुछ 2016 से कार्यरत हैं।

Edited By: Prashant Mishra