एक वैज्ञानिक की दिलचस्प कहानी: वर्दी की चाह में ज्वॉइन की पुलिस, 21 साल की सेवा के बाद मिला IPS कैडर
नैनीताल के एसपी क्राइम डॉ. जगदीश चंद्र को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) कैडर में पदोन्नति मिली है।

आईपीएस डा. जगदीश चंद्र।

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जागरण संवाददाता, नैनीताल। नैनीताल में एसपी क्राइम डा. जगदीश चंद्र को भारतीय पुलिस सेवा में आईपीएस कैडर में पदोन्नति मिली है। गृह मंत्रालय की ओर से नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। पढ़ाई के बाद वैज्ञानिक के रूप में काम कर चुके डा. जगदीश को पुलिस विभाग में 21 वर्षों की सेवा के बाद पदोन्नति मिली है।
रामनगर निवासी डा. जगदीश चंद्र ने गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर से एमएससी, जबकि जेएनयू दिल्ली से एमफिल व पीएचडी की डिग्री हासिल की थी। वर्ष 2002 से 2005 तक उन्होंने भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद देहरादून में बतौर वैज्ञानिक काम किया। इस दौरान उन्होंने रांची व दार्जिलिंग में भी सेवाएं दीं।
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2005 में ज्वॉइन की उत्तराखंड पुलिस
2005 में ही उत्तराखंड राज्य पुलिस सेवा में शामिल हुए। देहरादून, चमोली व ऊधमसिंह नगर में पुलिस उपाधीक्षक के रूप में तैनाती के बाद 2013 में अपर पुलिस अधीक्षक पद पर पदोन्नत हुए थे। जहां से देहरादून, काशीपुर व हल्द्वानी में सेवा देने के साथ ही 31 वाहिनी तथा आइआरबी में उपसेनानायक के रूप में भी काम किया।
उन्हें 2016 में नंदा राजजात यात्रा में उत्कृष्ट सेवा के लिए सराहनीय सेवा सम्मान, कोविड के दौरान उत्कृष्ट सेवा के लिए 2020 में सराहनीय सेवा सम्मान व 2025 में भारत सरकार गृह मंत्रालय की ओर से सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक दिया गया।
