जागरण संवाददाता, नैनीताल: हाई कोर्ट में पूर्व के आदेश का पालन नहीं करने पर प्रारंभिक शिक्षा निदेशक वंदना गर्ब्याल व्यक्तिगत रूप से पेश हुईं। उन्होंने बताया कि कोर्ट के आदेश का पूर्ण रूप से पालन कर दिया गया है। याचिकाकर्ता को उनके विकल्प के आधार पर जेडी कार्यालय नैनीताल में प्रशासनिक अधिकारी के पद पर नियुक्ति पत्र जारी कर दिया है। इसके बाद न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने अवमानना याचिका को अंतिम रूप से निस्तारित कर दिया।

पूर्व में कोर्ट ने सरकार को आदेश दिए थे कि याचिकाकर्ता के प्रत्यावेदन को विधि अनुसार निस्तारित करें पर विभाग ने प्रत्यावेदन को विधि अनुसार के बजाय भ्रामक तथ्यों के आधार पर निस्तारित कर दिया था। याचिकाकर्ता ने इस आदेश पर प्रारंभिक शिक्षा निदेशक के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की। 

नैनीताल निवासी निधि रावत ने याचिका दायर कर कहा था कि शिक्षा विभाग में प्रशासनिक अधिकारी के पद पर पदोन्नति को 22 सितम्बर 2021 में विज्ञप्ति जारी की गई थी। याचिकाकर्ता ने जीआईसी भवाली में नियुक्ति का विकल्प भरा था, लेकिन विभाग ने रामगढ़ में नियुक्त कर दिया, जबकि अन्य को उनकी ओर से दिये गए विकल्प के आधार पर नियुक्ति  दी गयी।

कोर्ट ने विभाग के इस आदेश को गलत मानते हुए उनके प्रत्यावेदन को फिर से विधि अनुसार निस्तारित करने के आदेश दिए थे। इसी को लेकर अवमानना चायिका दाखिल की गई थी। इस मामले में प्रारंभिक शिक्षा निदेशक वंदना व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश हुईं और कोर्ट को बताया कि कोर्ट के आदेशानुसार याची को नैनीताल में प्रशासनिक अधिकारी पद पर नियुक्ति पत्र जारी किया जा चुका है। इस पर कोर्ट ने याचिका निस्तारित कर दी।

Edited By: Prashant Mishra