जागरण संवाददाता, अल्मोड़ा : जनहित से जुड़े स्वास्थ्य और शिक्षा के सवाल पूछने पर मंत्री धन सिंह रावत ने एकदम चुप्पी साद ली। वह पत्रकारों के सवालों का सामना तक नहीं कर पाए। बाद में अधिकारियों की बैठक में पत्रकारों को ही आने से मना कर दिया गया।

जिले की शिक्षा व स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतर गई है। कोरोना महामारी के बाद सरकारी शिक्षा पर सबसे बुरा असर पड़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे तो दो सालों तक पढ़ाई ही नहीं कर पाए। लगातार स्कूल बंद होते जा रहे हैं। ऐसा ही हाल स्वास्थ्य व्यवस्था का है। मेडिकल कालेज बनने के बाद भी यहां मरीजों को रेफर किया जा रहा है। छोटी सर्जरी तक अस्पताल में नहीं हो रही है। चिकित्सकों व अन्य स्टाफ की भारी कमी है।

जब यही सवाल स्वास्थ्य शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत से पूछे गए तो उन्हेांने चुप्पी साद ली। सिर्फ इतना कहा कि अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज को मान्यता मिलना बड़ी उपलब्धि है। मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी, स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव जैसी समस्या सवालों पर भी मंत्री ने कोई जवाब नहीं दिया।

वह पत्रकारों से बचते हुए सीधे कॉलेज परिसर में चले गए। पत्रकारों के सवालों का असर यह हुआ की उन्हें अधिकारियों के साथ होने वाली बैठक में ही नहीं आने दिया गया। मंत्री जी के बैठक कक्ष में जाते ही दरवाजा बंद कर दिया गया। अब बंद कमरे में बैठक का क्या असर होता है यह समय ही बताएगा।

Edited By: Skand Shukla