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उत्तराखंड राजस्व पुलिस: सरकार ने पेश की रिपोर्ट, 17 अगस्त को होगी मामले की अगली सुनवाई

Uttarakhand Revenue Police Case जनहित याचिका में कहा गया कि अगर सरकार ने इस आदेश का पालन किया होता तो अंकिता मर्डर केस की जांच में इतनी देरी नहीं होती इसलिए राजस्व पुलिस व्यवस्था को समाप्त किया जाए। (File Photo)

By Jagran NewsEdited By: Nitesh SrivastavaPublished: Mon, 27 Mar 2023 03:31 PM (IST)Updated: Mon, 27 Mar 2023 03:31 PM (IST)
अगली सुनवाई को 17 अगस्त की तिथि नियत की गई है। जागरण

 जागरण संवाददाता, नैनीताल। हाई कोर्ट ने राज्य में राजस्व पुलिस व्यवस्था समाप्त करने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई करते हुए अगली सुनवाई को 17 अगस्त की तिथि नियत की है। इस दौरान राज्य सरकार की तरफ से प्रगति रिपोर्ट पेश कर कहा कि सरकार ने कई क्षेत्रों में रेगुलर पुलिस की व्यवस्था कर दी है। अन्य क्षेत्रों में इस व्यवस्था को लागू करने के लिए सरकार प्रयास कर रही है।

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2004 में सुप्रीम कोर्ट ने भी नवीन चन्द्र बनाम राज्य सरकार केस में इस व्यवस्था को समाप्त करने की आवश्यकता समझी थी। जिसमें कहा गया कि राजस्व पुलिस को सिविल पुलिस की भांति ट्रेनिंग नहीं दी जाती। यही नहीं राजस्व पुलिस के पास आधुनिक साधन, कम्प्यूटर,डीएनए और रक्त परीक्षण, फोरेंसिक जांच ,फिंगर प्रिंट जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नही होती है। इन सुविधाओं के अभाव में अपराध की समीक्षा करने में परेशानियां होती है। कोर्ट ने यह भी कहा था कि राज्य में एक समान कानून व्यवस्था हो, जो नागरिकों को मिलना चाहिए।

जनहित याचिका में कहा गया कि अगर सरकार ने इस आदेश का पालन किया होता तो अंकिता मर्डर केस की जांच में इतनी देरी नहीं होती, इसलिए राजस्व पुलिस व्यवस्था को समाप्त किया जाए। इस मामले में समाधान 256 कृष्णा विहार लाइन एक जाखन देहरादून ने जनहित याचिका दायर की है।


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