हल्द्वानी, जेएनएन : टांडा रेंज में पेड़ों के अवैध कटान मामले में रेंजर समेत तीन लोगों पर विभागीय कार्रवाई हुई है। रेंजर को ऑफिस से अटैच करने के साथ फॉरेस्ट गार्ड को निलंबित कर दिया गया। जबकि एक फॉरेस्टर को नोटिस थमा स्पष्टीकरण मांगा गया है। फिलहाल यह कार्रवाई जिम्मेदारी से ड्यूटी न निभाने पर की गई है। अवैध कटान में सलिंप्तता की जांच अभी जारी है।

जुलाई में टांडा रेंज से लकड़ी से भरी एक पिकअप पकड़ी गई थी। शक के आधार पर डीएफओ आरके सिंह ने टांडा जंगल के 3600 हेक्टेयर क्षेत्र में कांबिंग करवाई। जिस पर जगह-जगह पेड़ कटने के मामले सामने आए। कुछ जगहों पर तस्करों ने पेड़ काटने के बाद जड़ों को गड्ढा खोदकर दबा दिया था। डीएफओ आरके सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच पूरी होने के बाद फॉरेस्ट गार्ड पंकज बिष्ट के निलबिंत करने के साथ रेंजर रमेश चंद्र जोशी को प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय से अटैच कर दिया गया। जबकि वन दारोगा तारादत्त सेमवाल से नोटिस के माध्यम से स्पष्टीकरण मांगा गया है। सेमवाल फिलहाल किसी ट्रेनिंग में हिस्सा लेने गए हैं। वापसी पर उन्हें जवाब देना होगा।

रेंजर से सवाल, जंगल गश्त कैसे होती थी

वनक्षेत्राधिकारी रमेश चंद्र जोशी से नोटिस में पूछा गया कि जंगल की सुरक्षा को लेकर गश्त कैसे की जाती थी। कितनी टीमें बनाई गई थी। और उसमें कितने लोग शामिल थे।

डिविजन की सबसे चर्चित रेंज

टांडा में पेड़ कटने की घटनाएं कोई नई बात नहीं है। तस्करों की दस्तक को लेकर रेंज हमेशा से सुर्खियों में रहती है। पिछले साल रेलवे के ठेकेदार ने बगैर अनुमति 200 से अधिक पेड़ काट दिए थे। उस दौरान रेंजर समेत तीन लोगों पर कार्रवाई हुई थी।

Posted By: Skand Shukla

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