सितारगंज, जागरण संवाददाता : कोरोना काल के गर्भ में समाने से न जाने कितने मासूमों कि सर से अपनों का साया उठ गया। वही देखा जाए तो इस संक्रमण की चपेट में आने से ऐसे कई मासूमों के सर से मां बाप का साया उठ गया है जिनका उनके सिवा कोई दूसरा न था। ऐसे में अनाथ व बेसहारा हुए इन मासूमों की संरक्षण, अधिकारों व उनके माता-पिता की ओर से संजोगी गई संपत्ति की भी सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े होते हैं।

वही दूसरी तरफ संबंधित जिम्मेदार विभागों के पास भी इस तरह के मासूमों की फिलहाल कोई भी जानकारी नहीं है। हालांकि बाल विकास विभाग एकल परिवारों के अनाथ बच्चों की जानकारी एकत्रित करने में जुट गई है। लेकिन संक्रमण के दौर में यह मासूम अपनी जिंदगी किस हाल में बिता रहे होंगे इसकी कोई भी जानकारी प्रशासन के पास नहीं है।

 

वही बाल विकास विभाग ने संक्रमण व इससे पूर्व अनाथ हुए बच्चों की खोजबीन कर जानकारी जुटाने की जिम्मेदारी आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को सौंप दी है। वे अपने-अपने क्षेत्रों में रहने वाले एकल परिवारों के अनाथ बच्चों की जानकारी ले रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजेंगी। वही खटीमा में ऐसे एकल परिवारों के अनाथ बच्चों की सूचना पर विभागीय अफसरों ने खटीमा सितारगंज के 653 आंगनबाड़ी केंद्रों में तैनात कार्यकत्रियों बच्चों की जानकारी ले रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए।

 

सितारगंज के बाल विकास अधिकारी डॉ मंजूलता सिंह ने बताया कि उच्च अधिकारियों के आदेश पर अनाथ बच्चों की आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से जानकारी एकत्रित की जा रही है। खटीमा में हाल में ही अनाथ हुए बच्चों की सूचना है। अगर इस तरह का कोई बच्चा हमें मिलता है तो सबसे पहले उसकी खानपान वह रखरखाव की व्यवस्था की जाएगी।

 

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