जासं, हल्द्वानी : जल जीवन मिशन के कामों में गुणवत्ता पर पूरा ध्यान दिया जाएगा। बकायदा निर्माण कार्यो में उपयोग होने वाली सामग्री की गुणवत्ता की लैब में जांच करायी जाएगी। इसके साथ ही निर्माण कार्यो का थर्ड पार्टी निरीक्षण कराया जाएगा। लैब की रिपोर्ट व थर्ड पार्टी निरीक्षण के ओके होने पर ही ठेकेदार को भुगतान किया जाएगा।

ग्रामीण क्षेत्रों के हर घर को नल से जोड़ने के लिए राज्य सरकार तेजी से काम कर रही है। जल संस्थान व जल निगम तेजी से डीपीआर बनाकर जिला जल एवं स्वच्छता मिशन को भेज रहे हैं। इसके बाद डीपीआर को राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन को भेजा जा रहा है। जल जीवन मिशन की खास बात ये है कि कामों को तेजी से कराने के साथ ही इनकी गुणवत्ता पर भी विभाग पैनी नजर रखेंगे।

जल संस्थान के अधिशासी अभियंता विशाल कुमार ने बताया कि पहले चरण में घरों को कनेक्शन से जोड़ने का काम कराया जा रहा है। पेयजल लाइन बिछाने के लिए आइएसआइ मार्का जेआइ (मीडियम) पाइप का ही इस्तेमाल होगा। हर काम में प्रयोग होने वाले पाइप के हर डाया का एक मीटर लंबा टुकड़ा लिया जाएगा। इस टुकड़े की एनएबीएल से मान्यता प्राप्त लैब से जांच करायी जाएगी। लैब में पाइप का वजन, जिंक की कोटिंग, अंदरूनी वैल्डिंग, थिकनेस और चूड़ी की थ्रेडिंग की जांच करायी जाएगी। इसके अलावा यूनियन, शाकिट व गेटवाल आदि पाइप लाइन बिछाने में प्रयोग होने वाले उपकरणों की भी जांच होगी। ठेकेदार को निर्माण कार्य में प्रयोग किए जाने वाले सीमेंट का भी डीलर से सार्टिफिकेट देना होगा। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद शासन से नामित थर्ड पार्टी निरीक्षण को आएगी। सभी रिपोर्ट ओके होने के बाद ही ठेकेदारों को योजना का भुगतान किया जाएगा।

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