जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : हल्‍द्वानी के इंदिरानगर बाइपास स्थित क्षतिग्रस्त गौला पुल पर रविवार सुबह भाजपाई व कांग्रेसी आमने सामने थे। हालांकि, दोनों दलों के नेता पुल के निरीक्षण को पहुंचे थे। सीएम पुष्कर सिंह धामी, आपदा प्रबंधन मंत्री धन सिंह रावत, जिला प्रभारी मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद अफसरों संग पहुंचे थे। जबकि पुल के दूसरे छोर पर नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल व अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निरीक्षण के दौरान एनएचएआइ व प्रशासन के अफसरों को जल्द से जल्द पुल की मरम्मत करने के लिए कहा। ताकि लोगों की परेशानी दूर हो सके।

बीते मंगलवार को इंदिरानगर बाइपास स्थित गौला पुल का तीस मीटर लंबा व 12 मीटर चौड़ा संपर्क मार्ग भूस्खलन की चपेट में आने के बाद नदी में समा गया था। उसके बाद से पुलिस ने बैरिकेड लगा चारों तरफ से घेराबंदी कर दी। वहीं, एनएचएआइ को अब मरम्मत का काम करना है। लोनिवि इस जिम्मेदारी से बच गया। क्योंकि, तीनपानी से लेकर काठगोदाम तक की सड़क को वह एनएचएआइ को ट्रांसफर कर चुका है। अब यह सड़क रामपुर टू काठगोदाम फोरलेन प्रोजेक्ट का हिस्सा है।

हालांकि, शुरुआत में वन विभाग व प्रशासन से अनुमति मिलने में दूरी हुई। मगर शुक्रवार को अनुमति मिलते ही एनएचएआइ ने नदी में मशीनों को उतार दिया। वहीं, शुक्रवार सुबह सीएम पुष्कर सिंह धामी दूसरी बार क्षतिग्रस्त पुल के निरीक्षण को पहुंचे। इससे पूर्व मंगलवार रात भी मौके पर आकर अफसरों को निर्देशित कर चुके हैं। इसी दौरान नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह भी पार्टी कार्यकर्ताओं संग पहुंच गए। लेकिन दोनों दलों के नेताओं को 25 मीटर गहरी खाई ने एक-दूसरे से दूर ही रखा।

Edited By: Skand Shukla