जागरण संवाददाता, अल्मोड़ा : जागेश्वर व रानीखेत विधानसभा में जातीय समीकरण को साधते हुए बगावत रोकना पार्टी के लिए चुनौती से कम नहीं है। यही कारण है कि पार्टी को टिकट फाइनल करने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। एक दो दिन में टिकट फाइनल होन की उम्मीद है।

कोई भी दल अल्मोड़ा संसदीय क्षेत्र को इकाई मानते हुए टिकटों का बंटवारा करता है। इस संसदीय क्षेत्र में 14 विधानसभाएं हैं। बीजेपी ने 12 सीटों पर टिकटों का बंटवारा कर दिया है। जिनमें से 6 सीटों पर ठाकुर और तीन सीटों पर ब्राह्मण प्रत्याशी को टिकट दिया गया है। जबकि तीन सीटें संवैधानिक रुप से एससी वर्ग के लिए आरक्षित हैं। अब केवल दो सीटों रानीखेत - जागेश्वर सीट ही बची है जिसमें टिकट फाइनल नहीं हुए हैं। अब एक सीट पर ब्राह्मण और एक सीट पर ठाकुर प्रत्याशी को टिकट दिया जाना है।

राज्य बनने के बाद अब तक हुए चार चुनावों में भाजपा का कोई भी प्रत्याशी यहां से चुनाव नहीं जीता। मोदी लहर में भी यह सीट कांग्रेस के पास रही। ऐसे में यहां कांग्रेस प्रत्याशी की तरह ही भाजपा भी हैवीवेट प्रत्याशी उतारना चाहती है। दावेदारों की लाइन ने संशय बढ़ा दिया है। रानीखेत विधानसभा के हाल भी जुदा नहीं है। राज्य बनने के बाद से इस सीट पर भाजपा के टिकट से अजय भट्ट ही चुनाव लड़ते रहे। उनके नैनीताल संसदीय क्षेत्र से लोकसभा सदस्य चुने जाने के बाद रानीखेत सीट रिक्त हो गई है। इसके बाद इस सीट पर टिकट के दावेदारों की लंबी फौज आ गई है। टिकट को लेकर गुटबाजी चरम पर है। सांसद अजय भट्ट और अजय टम्टा खेमा अपने करीबी को टिकट के लिए जोर आजमाइश कर रहे हैं। 

जागेश्वर सीट के दावेदार- सुभाष पांडे, मोहन सिंह मेहरा, नरेंद्र बिष्ट, गौरव पांडे

रानीखेत सीट के दावेदार- कैलाश पंत, प्रमोद नैनवाल, महेंद्र अधिकारी, धन सिंह

Edited By: Prashant Mishra