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रामनगर, जेएनएन : पत्नी को फोन पर तीन तलाक देने के मामले में पुलिस ने पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। जबकि सास, जेठ व जेठानी के खिलाफ दहेज उत्पीडऩ की धाराओं में  मुकदमा दर्ज किया गया है। तीन तलाक मामले में कोतवाली में यह पहला मुकदमा दर्ज किया गया है। 

सोमवार को रामनगर के मोहल्ला खताड़ी निवासी महिला रुखसार राज्य महिला आयोग की पूर्व उपाध्यक्ष अमिता लोहनी के पास मदद के लिए पहुंची थी। पीडि़ता ने लोहनी को पति द्वारा उसे फोन पर तीन तलाक देने की दास्तां सुनाते हुए कार्रवाई की मांग की थी। लोहनी ने पहल करते हुए मंगलवार को पुलिस अधिकारियों से इस मामले में वार्ता की। कोतवाल रवि सैनी ने पीडि़ता को कोतवाली बुलाकर पूछताछ की। पीडि़ता ने तहरीर में बताया कि उसका निकाह छह मार्च 2017 को ग्राम अंबरपुर थाना बिलासपुर, जिला रामपुर निवासी मुजफ्फर अली से हुआ था। उसकी एक बेटी है। बेटी होने के बाद उसका पति व ससुराल वाले बेटा नहीं होने पर उसका उत्पीडऩ करने लगे। इस बीच पति काम के सिलसिले में अहमदाबाद चला गया। ससुराल वाले दहेज में बाइक मांगते थे। शादी के बाद से ही पति मुजफ्फर, सास साहबजादी, जेठ मुस्तफा व जेठानी शबाना उसके साथ मारपीट करते थे। 

पीडि़ता ने ससुराल के लोगों पर तबीयत खराब होने पर उसे मारने के इरादे से गलत दवाई पिलाने का भी आरोप लगाया। तबीयत बिगडऩे पर उसने मायके में परिजनों को सूचना दी। परिजनों ने मोहल्ले में कुछ लोगों को फोन कर उसे चिकित्सालय में भर्ती कराया। उत्पीडऩ से परेशान होकर वह अपने मायके रामनगर आ गई। उसने अहमदाबाद में पति को उत्पीडऩ की शिकायत की, लेकिन पति ने फोन पर तीन बार तलाक दे दिया। 

इधर तहरीर के आधार पर पुलिस ने महिला के पति मुजफ्फर अली, सास शाहबजादी, जेठ मुस्तफा व जेठानी शबाना के खिलाफ  मुस्लिम महिला अधिकार संरक्षण अधिनियम, मारपीट, गाली गलौज, दहेज उत्पीडऩ का मुकदमा दर्ज कर लिया है। कोतवाल रवि सैनी ने बताया कि तहरीर में तीन तलाक के अलावा और भी आरोप हैं। सभी आरोपितों के खिलाफ  लगे आरोपों की जांच की जाएगी।

Posted By: Skand Shukla

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