जागरण संवाददाता, चम्पावत : जिले में अब कोविड संक्रमण के नए मामले नहीं आ रहे हैं। अलबत्ता इस महामारी और लॉकडाउन से प्रभावित परिवारों की मदद का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को रीड्स संस्था की चाइल्ड हेल्प लाइन टीम ने कोविड महामारी से प्रभावित परिवारों को मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना से जोडऩे एवं परिवारों की परिस्थिति को देखते हुए राशन किट का वितरण किया। टीम ने बच्चों में किसी भी प्रकार की बीमारी होने पर तत्काल इसकी सूचना चाइल्ड हेल्प लाइन को देने की अपील की।

अभियान के तहत टीम ने कोविड से प्रभावित 15 परिवारों से व्यक्तिगत संपर्क किया और सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत फूंगर, खीड़ी, जाख, गंभीर गांव में जाकर खाद्यान्न उपलब्ध काया। गीतांजलि सेवा संस्थान लोहाघाट के अध्यक्ष एवं समाजसेवी सतीश पांडेय ने टीम का सहयोग करते हुए गरीब परिवारों के बच्चों के लिए अपनी ओर से आर्थिक सहायता दी। उन्होंने हरखेड़ा गांव के दिव्यांग बच्चे को प्रति वर्ष आर्थिक सहयोग करने की घोषणा की ताकि बच्चे की परवरिश में कोई दिक्कत न हो। पहाड़ पर स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी बनी ही रहती है। एेसे में बच्चों की सेहत को लेकर चाइल्ड हेल्प लाइन की टीम चिंतित है। इसलिए टीम ने पहाड़ में बच्चों की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर जागरूक किया। उनका कहना है कि राज्य की योजनाओं का ग्रामीण लाभ उठाएं उनसे जुड़े।

चाइल्डलाइन टीम ने जागरूकता अभियान के दौरान गांव की किशोरियों को किशोरावस्था के दौरान होने वाले शारीरिक परिवर्तन के बारे में अवगत कराते हुए उन्हें सैनेटरी पैड, मास्क, सैनिटाइजर भी वितरित किए। लोगों से किसी भी बच्चे को किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर तत्काल टॉल फ्री नंबर-1098 पर कॉल करने की अपील की। कहा कि स्वास्थ्य खराब होने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में अपना और बच्चों का परीक्षण करवाएं। टीम में रीड्स के इंद्रेश लोहनी, चाइल्डलाइन समन्वय संतोषी, सीमा देवी, विपिन पांडेय, नरेश करायत, कुलदीप देव, निर्मला अधिकारी आदि शामिल रहे।

Uttarakhand Flood Disaster: चमोली हादसे से संबंधित सभी सामग्री पढ़ने के लिए क्लिक करें

Edited By: Prashant Mishra