बॉडीबिल्डिंग के लिए स्टेरॉयड का इस्तेमाल बेहद खतरनाक, दिल और हड्डियों को बना रहा खोखला
बॉडी बनाने के लिए स्टेरॉयड का इस्तेमाल युवाओं के दिल और हड्डियों को कमजोर कर रहा है। बिना डॉक्टरी सलाह ...और पढ़ें

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समय कम है?
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जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। सुडौल शरीर, चौड़े कंधे और मजबूत मांसपेशियां बनाने की चाह युवाओं को जिस राह पर ले जा रही है। वह धीरे-धीरे उनकी सेहत के लिए खतरा बनती जा रही है। शहर के जिम में तेजी से मसल्स बनाने के लिए स्टेरायड का खुलेआम इस्तेमाल युवाओं की हड्डियों को कमजोर कर रहा है।
कम समय में आकर्षक शरीर पाने की यह चाह अब दर्द, हड्डियों की कमजोरी और जोड़ों की गंभीर समस्याओं के रूप में सामने आने लगी है। इसका प्रमाण डा. सुशीला तिवारी अस्पताल की ओपीडी में पहुंच रहे मरीजों में देखने को मिल रहा है।
यहां हर माह आठ से 10 ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें कम उम्र में ही हड्डियों की कमजोरी और जोड़ों में दर्द जैसी शिकायतें मिल रही हैं। चिकित्सकीय जांच में कई मरीजों के शरीर में स्टेरायड की अधिक मात्रा मिलने की बात सामने आ रही है।
स्टेरायड के इस्तेमाल को लेकर विशेषज्ञों के सुझाव
किसी भी प्रकार के स्टेरायड का इस्तेमाल चिकित्सक की सलाह और निगरानी में ही करना चाहिए। बॉडी बनाने के लिए बिना चिकित्सकीय परामर्श के एनाबालिक स्टेरायड लेना घातक है।
जिम में मिलने वाले पाउडर, कैप्सूल और अन्य सप्लीमेंट का इस्तेमाल करने से पहले उनके घटकों की जानकारी लें और विशेषज्ञ से परामर्श करें।
प्राकृतिक तरीके से बनाएं मसल्स, संतुलित आहार, पर्याप्त प्रोटीन, नियमित व्यायाम और अच्छी नींद से भी मांसपेशियों को मजबूत बनाया जा सकता है।
लक्षण दिखने पर जांच कराएं, कूल्हे या जोड़ों में लगातार दर्द, मांसपेशियों में असामान्य बदलाव या कमजोरी होने पर डाक्टर से संपर्क करें।
जागरूकता बढ़ाना जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि शहर के जिम संचालकों और ट्रेनरों को युवाओं को स्टेरायड के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना चाहिए और बिना चिकित्सकीय निगरानी इसके इस्तेमाल को प्रोत्साहित नहीं करना चाहिए। संचालक कई बार पैसे के लालच में नुकसानदायक चीजें बेचते हैं। इस पर युवाओं को भी जागरूक होना चाहिए।
कूल्हे और जोड़ हो रहे खराब
हड्डी रोग विशेषज्ञों के अनुसार ओपीडी में स्टेरायड के कारण सबसे अधिक कूल्हे के दर्द की शिकायत लेकर युवा पहुंचते हैं। स्टेरायड से युवा जल्द मसल्स बनाने में तो कामयाब होते हैं, लेकिन हड्डियों के जोड़ खराब हो रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय तक स्टेरायड लेने से युवाओं में कम उम्र में गठिया की समस्या हो सकती है। साथ ही इससे बीपी, शुगर भी कम उम्र में होने का खतरा बढ़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों में इसका ज्यादा प्रयोग हो रहा है।
बॉडी बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले एनाबालिक स्टेरायड इंजेक्शन या अधिक मात्रा में कोई भी स्टेरायड हड्डियों को गलाता हैं। इसका बड़ा प्रभाव कूल्हे के ज्वाइंट पर पड़ता हैं। कूल्हे के जोड़ में खून का दौरा खत्म होने से केवल रिप्लेसमेंट ही इलाज है। स्टेरायड लेने से बचें, हर छह माह में हड्डियों की जांच कराएं।
- डा. गणेश सिंह, वरिष्ठ अस्थि रोग विशेषज्ञ एसटीएच
लंबे समय तक स्टेरायड के प्रयोग से चेहरे में सूजन दिखने लगती है। साथ ही पेप्टिक अल्सर, हाई बीपी, मधुमेह की समस्या कम उम्र में हो जाती है। कई बार लोगों को स्टेरायड का पता न होने से नीमहकीम इसका दुरुपयोग कर स्वास्थ्य से खिलवाड़ करते हैं। इनसे बचने की जरूरत है।
-डा. परमजीत सिंह, वरिष्ठ फिजिशियन एसटीएच
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