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EXPLAINER: उत्तराखंड में क्या है भाजपा का 2027 चुनावी एजेंडा? नितिन नवीन के हल्द्वानी दौरे के दौरान सामने आए तीन मुद्दे

Published: Thu, 10 Sep 2026 11:21 AM (IST)

भाजपा ने 2027 के उत्तराखंड विधानसभा चुनावों के लिए विकास, सुशासन और सामाजिक समरसता को अपना मुख्य एजेंडा घोषित किया है।

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जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। विकास, सुशासन, सामाजिक समरसता, जनकल्याण और सामाजिक समरसता 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा का एजेंडा होगा। देवभूमि की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान की रक्षा के साथ ही आत्मनिर्भर, सुरक्षित व समृद्ध राज्य, विकास की राजनीति के मंत्र के साथ पार्टी के कार्यकर्ता जन-जन तक पहुंचेंगे।

बुधवार को रामपुर रोड स्थित एक बैंक्वेट हाल में हुई भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में इन बिंदुओं पर मंथन हुआ। साथ ही बैठक में विकसित उत्तराखंड से विकसित भारत संकल्प के प्रस्ताव को पारित किया गया।

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विकास के मुद्दे पर केंद्रित प्रस्ताव को दूसरे सत्र में रखा गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में किए जा रहे विकास कार्यों का सराहा गया। प्रस्ताव में पीएम मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड को देश के प्रमुख धार्मिक, आध्यात्मिक, पर्यटन और निवेश केंद्र के रूप में स्थापित किए जाने की बात कही गई।

विकसित, आत्मनिर्भर, सुरक्षित और समृद्ध राज्य बनाने में सीएम धामी की भूमिका को अहम बताया। उनके नेतृत्व में विकसित और आत्मनिर्भर उत्तराखंड का संकल्प साकार करते हुए देश के अग्रणी राज्यों में पहचान बनाने की बात कही। विकसित राज्यों की श्रेणी में और आगे बढ़ने का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए आगामी चुनाव में विजय का संकल्प लेकर जुटने की अपील की गई।

सरकार के प्रयासों से पलायन में 28 प्रतिशत कमी का दावा
पलायन पहाड़ की सबसे बड़ी समस्या है। भाजपा ने विकसित उत्तराखंड से जुड़े प्रस्ताव में इस विषय को शामिल किया। जिसमें दावा किया गया कि सरकार के प्रयासों से पलायन में 28 प्रतिशत से ज्यादा की कमी आई है। साथ ही रिवर्स पलायन की गति बढ़ने से विकास में सकारात्मक बदलाव आने की बात कही है।

लैंडजिहाद और मतांतरण कानून भी बनेंगे मुद्दा
धामी सरकार ने लैंड जिहाद और मतांतरण रोकने को लेकर सख्त कानून बनाया है। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) बनाकर देश में संदेश दिया है। कार्य समिति की बैठक के दौरान प्रस्तुत प्रस्तावों में यह बातें भी आईं। जिसमें उत्तराखंड की देवत्व, सांस्कृतिक विशिष्टता और सामाजिक संतुलन की रक्षा के लिए सरकार और संगठन दाेनों के प्रतिबद्ध होने की बात कही गई।

मतांतरण, जनसंख्या में असंतुलित परिवर्तन, अतिक्रमण और सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने वाली गतिविधियों के विरुद्ध कठोर कदम उठाने से जुड़ी नीतियों का भी समिति ने स्वागत किया।

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उद्यमियों की नई पीढ़ी की जा रही है तैयार
व्यापार, उद्यमिता और आत्मनिर्भर भारत की नई आर्थिक शक्ति का बिंदु भी प्रस्ताव का हिस्सा बना। जिसमें कहा गया कि पीएम नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत रोजगार विकास के प्रमुख आधार के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम कर रहा है।

ऐसे में भारत रोजगार चाहने वाले युवाओं के साथ-साथ रोजगार देने वाले उद्यमियों की नई पीढ़ी तैयार करने की बात कही गई। इसमें स्टार्टअप इंडिया के दस वर्ष पूर्व होने तक देश में 2.3 लाख से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप स्थापित होने का दावा किया गया। जिनके जरिये 23 लाख से अधिक रोजगार सृजित होने की बात कही गई।

सरकार के इन कामों को भी किया गया शामिल

  • राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण
  • राज्य के बजट का आकार 1.11 लाख करोड़ से अधिक बढ़ने
  • 34 हजार से ज्यादा सरकारी पदों पर नियुक्ति कर युवाओं को रोजगार से जोड़ा
  • 4000 से अधिक होम-स्टे प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में स्थापित हुए
  • 2000 अधिक स्टार्टअप प्रदेश में सरकार के सहयोग से शुरू हुए
  • महिलाओं को सरकार नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण
  • आयुष्मान योजना के तक 62 लाख लोगों को निश्शुल्क उपचार की सुविधा