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भाजपा सांसद धर्मेंद्र कश्यप व जागेश्वर मंदिर समिति प्रबंधक आपस में भिड़े, जानिए क्या है मामला

जागेश्वर मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान व पूजन को पहुंचे आंवला (बरेली मंडल) के सांसद व मंदिर प्रबंधक में तकरार हो गई। आरोप-प्रत्यारोप के बीच दोनों में धक्कामुक्की भी हो गई। बताया जा रहा कि प्रबंधक ने शाम छह बजे के बाद किसी तरह के अनुष्ठान पर प्रतिबंध का हवाला दिया।

By Skand ShuklaEdited By: Published: Sun, 01 Aug 2021 07:17 AM (IST)Updated: Sun, 01 Aug 2021 10:09 AM (IST)
भाजपा सांसद धर्मेंद्र कश्यप व जागेश्वर मंदिर समिति प्रबंधक आपस में भिड़े, जानिए क्या है मामला
भाजपा सांसद धर्मेंद्र कश्यप व जागेश्वर मंदिर समिति प्रबंधक आपस भिड़े, जानिए क्या है मामला

जागेश्वर धाम (अल्मोड़ा) जागरण संवाददााता : सुप्रसिद्ध जागेश्वर मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान व पूजन को पहुंचे आंवला (बरेली मंडल) के सांसद व मंदिर प्रबंधक में तकरार हो गई। आरोप-प्रत्यारोप के बीच दोनों में धक्कामुक्की भी हो गई। बताया जा रहा कि प्रबंधक ने शाम छह बजे के बाद किसी तरह के अनुष्ठान पर प्रतिबंध का हवाला दिया। जिस पर दोनों पक्षों के बीच बहस होने लगी और माहौल गरमा गया। उधर,सांसद का आरोप था कि गर्भगृह में प्रवेश के एवज में प्रबंधक सुविधा शुल्क की मांग कर रहे थे। इसी को लेकर बहस हुई। धक्कामुक्की व गालीगलौज से जागेश्वरधाम के पुजारी व समिति के लोग सांसद के खिलाफ लामबंद हो गए और उनका घेराव भी किया गया।

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भाजपा सांसद धमेंद्र कश्यप, उनके साथी मोहन राजपूत व सुनील तायल जागेश्वरधाम के प्रति आस्था रखते हैं। ये सभी मंदिर के दर्शन को आते रहते हैं। शनिवार शाम करीब पांच बजे सांसद धर्मेंद्र अपने करीबी लोगों के साथ जागेश्वर मंदिर पहुंचे। सांसद व उनके सहयोगियों को रुद्राभिषेक हवन में अधिक समय लग गया। इधर कोरोना काल में कोविड नियमों में कुछ ढील देते हुए मंदिर प्रबंधन समिति ने श्रावण मास के मद्देनजर सायं छह बजे तक श्रद्धालुओं को दर्शन व पूजन की अनुमति दी है।

शाम छह बजते ही प्रबंधक भगवान भट्ट ने मंदिर में जाकर सांसद से मंदिर में पूजा न करने व मंदिर समूह से बाहर जाने को कहा। इस पर सासंद धर्मेंद्र नाराज हो गए। उनकी प्रबंधक भगवान भट्ट से बहस हो गई। मामला गरमाया तो नौबत धक्कामुक्की तक पहुंच गई। आरोप है कि सासंद ने गुस्से में आकर प्रबंधक के लिए अभद्र शब्दों का प्रयोग किया। सांसद व उनके साथियों के मंदिर गेट पर पहुंचने पर समिति के लोगों व स्थानीय लोगों ने उनका घेराव कर दिया। लोगों ने सांसद पर अभद्रता का आरोप लगाया। वहीं सांसद का आरोप था कि प्रबंधक गर्भगृह के दर्शन कराने के लिए सुविधा शुल्क मांग रहे थे। हालांकि कुछ देर चलती रही गहमागहमी के बाद सांसद गाड़ी में बैठकर वापस चले गए।


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