नैनीताल, जेएनएन : कुमाऊं विवि के प्रो. राजेंद्र सिंह नैनो साइंस एंड नैनो टेक्नोलॉजी सेंटर व नगरपालिका के संयुक्त वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल गई है। 3.49 करोड़ के इस प्रोजेक्ट से शहर के कायाकल्प की उम्मीद की जा रही है।

पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार के राष्ट्रीय हिमालयन अध्ययन मिशन को यह प्रोजेक्ट भेजा गया था। नैनो साइंस सेंटर के प्रभारी प्रो. नंदगोपाल साहू के नेतृत्व में यह प्रोजेक्ट नगरपालिका के साथ मिलकर तैयार किया गया था। शोधार्थियों द्वारा ठोस अपशिष्टï पदार्थों के अवस्थापन के लिए यूनिवर्सल वेस्ट अपसाइक्लिंग मशीन को स्थापित करने का ब्लू प्रिंट राष्टï्रीय हिमालयन अध्ययन मिशन के समक्ष प्रस्तुत किया गया था।  इस प्रोजेक्ट में ठोस अपशिष्टï पदार्थों को बहुउपयोगी कार्बन नैनो मैटेरियल, ईंधन जैसे डीजल, केरोसिन व एलपीजी गैस में बदला जाएगा। सेंटर की टीम द्वारा डिजाइन किए गए माइक्रो कंपोस्टिंग प्लांट को भी प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है।

प्रो. साहू के अनुसार शहर के प्रत्येक वार्ड में बायो कंपोस्टिंग प्लांट लगाए जाएंगे। इसके तहत कम लागत में शहर के जैविक कूड़े से उपयोगी खाद बनाई जाएगी। इस प्रोजेक्ट से नगरपालिका क्षेत्र के 15 वार्डों की करीब 45 हजार की आबादी लाभान्वित होगी। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से तमाम लोगों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।

Posted By: Skand Shukla

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