हल्द्वानी, जागरण संवाददाता : मां की डांट से नाराज किशोरी बाघ एक्सप्रेस में बैठकर बिहार से काठगोदाम पहुंच गई। शनिवार को उसे स्टेशन पर गुमसुम बैठी देख जीआरपी ने बात की तो मामला साफ हुआ। बाल कल्याण समिति व चाइल्डलाइन की सहायता से किशोरी के स्वजनों से संपर्क किया गया है। 

बिहार के जिला गोपालगंज स्थित गांव डीहजेतपुर निवासी 17 वर्षीय किशोरी कक्षा नौ की छात्रा है। पिता दुबई में काम करता है। मां ने उसे किसी बात पर डांट लगा दी थी, जिससे नाराज होकर वह स्टेशन पहुंच गई और बाघ एक्सप्रेस में बैठ गई। शनिवार को काठगोदाम स्टेशन पहुंचने पर जीआरपी ने किशोरी से बात करने के बाद मामले की सूचना चाइल्डलाइन हेल्प डेस्क को दी। चाइल्ड लाइन समन्वयक विनोद कुमार टम्टा ने बताया कि किशोरी घर से 500 रुपये लेकर निकली थी। 

जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष नीरज चिलकोटी के निर्देश पर किशोरी को धरोहर विकास संस्थान के बाल आश्रय में जगह दी गई है। चाइल्डलाइन हेल्प डेस्क की काउंसलर गीता सुयाल, देवेश्वरी पांडेय व आशुतोष ने किशोरी से बात करके उसके घर का पता मालूम किया, जिसके बाद चाचा और मां से संपर्क हुआ है। दोनों किशोरी को लेने घर से काठगोदाम के लिए रवाना हो चुके हैं। 

 

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