नैनीताल, किशोर जोशी : यह वह दौर था जब कांग्रेस के कद्दावर नेता हरीश रावत के खिलाफ भाजपा को एक ऐसे चेहरे की तलाश थी, जो उन्हें टक्कर देने के साथ काम से पहचान बनाये। तब रानीखेत के विधायक व उत्तर प्रदेश में राजस्व उप मंत्री रहे बची सिंह रावत को भाजपा ने अल्मोड़ा संसदीय क्षेत्र से उतार दिया। अल्मोड़ा संसदीय क्षेत्र के चप्पे चप्पे से वाकिफ अौर हर व्यक्ति के लिए सर्व सुलभ बचदा ने बतौर सांसद दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास की किरण पहुंचाई। उन्होंने गांव गांव दौरे कर ऐसी लोकप्रियता हासिल की कि दूसरे प्रत्याशी चाहकर भी नहीं कर सके।

1996 में पहली बार सांसद बने तो संसद की अनेक कमेटियों के सदस्य रहे। 1999 में तीसरी बार रिकॉर्ड मतों से जीते तो भाजपा के कद्दावर नेता मुरली मनोहर जोशी के निकटस्थ होने की वजह से केंद्र में पहले रक्षा राज्यमंत्री फिर विज्ञान व प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री बने। 2004 में फिर लोकसभा सदस्य चुने गए। वह उत्तर प्रदेश विधानसभा के लिए 1992 व 1993 में विधायक चुने गए। बचदा के नाम अल्मोड़ा सीट से चार बाद सांसद बनने का रिकॉर्ड है।

एरीज को दिलाया केंद्रीय दर्जा

केंद्रीय राज्य मंत्री रहे बचदा ने अपने कार्यकाल में अनेक स्थानों पर केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना की। इसके अलावा 2004 में आर्य भट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज को नैनीताल केंद्रीय दर्जा दिलाने में तत्कालीन मुख्यमंत्री एनडी तिवारी, तत्कालीन एचआरडी मंन्त्री मुरली मनोहर जोशी के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

हर साल दिया विकास कार्यों का ब्यौरा

केंद्रीय राज्य मंत्री के साथ बतौर सांसद बचदा ने हर साल अपनी सांसद निधि के साथ ही अपने प्रयासों से किये कामों के अलावा संसद में उठाये गए सवालों व उनके जवाब की किताब प्रकाशित करने को परंपरा शुरू की। उस किताब को अल्मोड़ा संसदीय क्षेत्र के गांव व शहरों में बांटा जाता था। बचदा ने अलग उत्तराखंड राज्य निर्माण के लिए लोकसभा में निजी विधेयक भी पेश किया था। साथ ही अलग राज्य निर्माण का मामला अनेक बार संसद में उठाया।  

Uttarakhand Flood Disaster: चमोली हादसे से संबंधित सभी सामग्री पढ़ने के लिए क्लिक करें

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप