जागरण संवाददाता, चम्पावत : शासन ने चम्पावत में कूर्म सरोवर झील और डिप्टेश्वर झील निर्माण के लिए वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। डीपीआर गठन के बाद झील निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए टीएसी द्वारा संस्तुत 115.77 लाख के सापेक्ष चालू वित्तीय वर्ष में 46.30 लाख रुपये की धनराशि भी जारी कर दी गई है। दोनों झीलों के निर्माण के बाद जिले में पर्यटन विकास को भी काफी बल मिलेगा।

विधायक कैलाश चंद्र गहतोड़ी के प्रयासों से अब चम्पावत में कूर्म सरोवर एवं डिप्टेश्वर के पास गंडक नदी में जल्दी ही झील अस्तित्व में आ जाएंगी। दोनों झीलों के लिए पूर्व में ही भूगर्भीय सर्वेक्षण किया जा चुका है। सर्वेक्षण में उपयुक्त पाए जाने के बाद शासन ने डिप्टेश्वर झील निर्माण की डीपीआर के लिए 63. 45 लाख के सापेक्ष 25.38 लाख एवं कूर्म सरोवर झील के डीपीआर के लिए 52.32 लाख के सापेक्ष 20.92 लाख रुपये अवमुक्त कर दिए हैं। क्षेत्र की जनता लंबे समय से झील निर्माण की मांग कर रही थी। विधायक कैलाश गहतोड़ी ने व्यक्तिगत रूचि लेकर झील निर्माण के लिए प्रयास किए।

झील निर्माण को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद संबंधित विभाग ने डीपीआर गठन की कवायद शुरू कर दी है। जल्दी ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। विधायक गहतोड़ी ने बताया कि दो माह के बाद कूर्म और डिप्टेश्वर झील का निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। कूर्म सरोवर और उत्तर मुखी गंडक नदी के किनारे बसे डिप्टेश्वर धाम की पौराणिक महत्ता है। यहां दूर दराज से श्रद्धालु दर्शन और पूजा अर्चना के लिए पहुंचते हैं। झील बन जाने के बाद यहां धार्मिक पर्यटन के साथ नैसर्गिक पर्यटन को बल मिलेगा। इससे नगर और आस पास के क्षेत्रों में सिंचाई और पेयजल सुविधा भी उपलब्ध होगी। झील निर्माण को मंजूरी मिलने के बाद चम्पावत की जनता ने विधायक गहतोड़ी का आभार जताया है।

विधायक कैलाश गहतोड़ी ने बताया कि पौराणिक कूर्म सरोवर और उत्तरमुखी गंडक नदी में झील निर्माण के बाद चम्पावत जिले में पर्यटन विकास को पंख लगेंगे। इनसे चम्पावत नगर और आस-पास के ग्रामीण इलाकों में पेयजल और सिंचाई की सुविधा भी मिलेगी। डीपीआर गठन के बाद झील निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।

Edited By: Prashant Mishra