जागरण संवाददाता, नैनीताल : हाई कोर्ट ने कोविड महामारी के दौरान सरकार की ओर से अधिग्रहित होटलों का भुगतान नहीं करने के मामले में मंगलवार को सुनवाई की। याचिकाकर्ता का कहना है कि पिछले साल नैनीताल जिला प्रशासन ने महामारी का हवाला देते हुए उनके होटल के 30 कमरों का अधिग्रहण कर लिया। जिसका भुगतान प्रति कमरे के हिसाब से करने का आश्‍वासन दिया गया था। लेकिन भुगतान नहीं किया जा रहा है। मामले में कोट ने प्रदेश सरकार से चार सप्ताह के अंदर जवाब मांगा है। बता दें कि कोविड की पहली लहर में कम लक्षण वाले कोविड मरीजों को रखने के लिए जिला प्रशासन ने होटलों का अधिग्रहण किया था।

मंगलवार को न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ में नैनीताल के होटल व्यवसायी राजीव लोचन साह की याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें कहा गया है कि पिछले साल 26 अप्रैल को नैनीताल जिला प्रशासन ने महामारी का हवाला देते हुए उनके होटल के 30 कमरों का अधिग्रहण कर लिया। साथ में कहा था कि उनके होटल का प्रति कमरा 950 रुपये का भुगतान किया जाएगा। लेकिन प्रशासन द्वारा तयशुदा राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है। इस बारे में प्रशासन को कई पत्र भेज चुके हैं। प्रशासन की ओर से अब यह जवाब दिया जा रहा है कि उक्त अवधि में किसी को नहीं ठहराया गया है।

Edited By: Skand Shukla