जागरण संवाददाता, नैनीताल : शहर के प्रतिष्ठित नयना देवी मंदिर का 136वां स्थापना दिवस रविवार को सादगी के साथ मनाया गया। यह पहली बार है जब स्थापना दिवस पर मंदिर के कपाट बंद रहे। श्रद्धालुओं को फेसबुक लाइव के जरिए मंदिर, इस मौके पर हुई पूजा-अर्चना और मां के दर्शन कराए गए।

1884 में स्थापना के बाद से ही ज्येष्ठ शुक्ल की नवमी को हर वर्ष नयना देवी मंदिर का स्थापना दिवस मनाया जाता रहा है। स्थापना दिवस पर हर वर्ष मंदिर में सुबह से शाम तक विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के साथ ही भंडारे का आयोजन किया जाता है, जिसमें स्थानीय और पर्यटक दर्शन और प्रसाद ग्रहण करते रहे हैं। लेकिन इस वर्ष लॉकडाउन के चलते स्थापना दिवस धूमधाम से नहीं मनाया जा सका। रविवार को मंदिर के प्रधान पुजारी बसंत बल्लभ पांडे ने ब्रह्मामुहुर्त में देवी स्थान के साथ ही हवन, आरती संपन्न कराया, जिसके बाद कुलपूजा की गई। इसमें प्रदीप साह और उनकी पत्नी नीरू साह बतौर यजमान शामिल हुए। विशाल रूप से भंडारे का आयोजन न कर सांकेतिक भंडारा आयोजित किया गया, जिसमें यजमान और पुजारी समेत ट्रस्ट पदाधिकारियों को प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान नयना देवी अमर उदय ट्रस्ट के सचिव हेमंत साह, कोषाध्यक्ष किशन नेगी, उपाध्यक्ष घनश्याम लाल साह, ट्रस्ट कर्मचारी सुरेश मेलकानी, बसंत जोशी मौजूद रहे। कपाट बंद होने से मायूस लौटे श्रद्धालु

लॉकडाउन के चलते नयना देवी मंदिर के कपाट बंद हैं। बाहरी व्यक्तियों के मंदिर में प्रवेश को वर्जित कर दिया गया है। स्थापना दिवस पर मां के दर्शन को श्रद्धालु मंदिर तक तो पहुंचे लेकिन कपाट बंद होने के कारण उन्हें बाहर से ही दर्शन कर लौटना पड़ा।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस