जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : डेढ़ महीना बीतने के बाद भी पूनम हत्याकांड से पुलिस पर्दा नहीं हटा सकी है। एसटीएफ व एसआइटी भी इसमें फेल साबित हुई है। अब एडीजी लॉ एंड आर्डर अशोक कुमार ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। वह शनिवार को हल्द्वानी पहुंचेंगे और गोरापड़ाव पहुंचकर मृतका पूनम पांडे की बेटी अर्शी व परिजनों से जानकारी जुटाएंगे, जिसके बाद एसआइटी व हत्याकांड के खुलासे में लगी पुलिस टीमों के साथ जांच रिपोर्ट पर मंथन कर फिर से रणनीति बनेगी।

27 अगस्त को गोरापड़ाव निवासी ट्रांसपोर्टर लक्ष्मी दत्त पांडे के घर घुसे बदमाशों ने उनकी पत्नी पूनम की निर्ममता से हत्या कर दी थी। इसके अलावा बेटी अर्शी को घायल कर दिया था। घर से स्कूटी व नगदी गायब होने की जानकारी मिलने पर पुलिस पहले मर्डर की वजह लूट समझ रही थी, जबकि बाद में स्कूटी व पैसे दोनों बरामद हो गए थे। खुलासे को लेकर दून से पहुंची एसटीएफ ने सात दिन तक डेरा जमाया। बाद में हाई कोर्ट के आदेश पर एसआइटी का गठन किया, लेकिन डेढ़ माह बाद भी घटना का खुलासा नहीं होने से पुलिस पर भी सवाल उठ रहे हैं। शनिवार को एडीजी अशोक कुमार घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद टीमों के साथ बैठक कर अब तक मिले सुरागों की तस्दीक करेंगे। संभावना है कि एडीजी के निर्देश पर पुलिस अलग लाइन पर काम करें। एडीटीएफ के साथ बैठक करेंगे

नशे पर रोकथाम को लेकर गठित की गई एंटी ड्रग्स टास्क फोर्स (एडीटीएफ) के सदस्यों के साथ एडीजी वार्ता करेंगे। फोर्स गठन का उद्देश्य स्कूली बच्चों को नशे की लत से दूर करना है। उसके बाद अपराध समीक्षा बैठक होगी।

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