मनीष पांडेय, हल्द्वानी : उच्च शिक्षा की बेहतरी के लिए नए कालेज खोलने के साथ ही शिक्षकों की नियुक्ति भी की जा रही है। इसी के तहत अब लोक सेवा आयोग के जरिये शिक्षा शास्त्र के 27 सहायक प्रोफेसरों को नियुक्ति दी जानी है। इन प्राध्यापकों को पहले दुर्गम में तैनात किया जाएगा।

शिक्षा शास्त्र के 27 नए सहायक प्रोफेसरों में से 11 ने 13 अक्टूबर को ही ज्वाइन कर लिया था। उच्च शिक्षा निदेशालय ने इन्हें खाली जगहों के आधार पर नियुक्ति पत्र भी जारी कर दी थी, जबकि अगले दिन उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत का आदेश निदेशालय को प्राप्त हुआ। इसमें नियमों का हवाला देते हुए कहा गया है कि नए प्राध्यापकों को पहले दुर्गम क्षेत्र में भेजा जाना है।

इसके लिए दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों को सुगम में तैनाती दी जाएगी। इसके बाद दुर्गम में खाली हुई जगहों पर नए प्राध्यापकों को नियुक्त किया जाएगा। ऐसे में शासन के आदेश पर नए प्राध्यापकों को उच्च शिक्षा निदेशालय में ही ज्वाइन कराया गया है। अभी तक 18 प्राध्यापकों ने ही निदेशालय पहुंचकर ज्वाइनिंग ली है।

ये प्राध्यापक फिलहाल निदेशालय परिसर में ही समय काट रहे हैं। कालेजों में उनकी नियुक्ति प्रक्रिया में लगभग तीन सप्ताह का समय लग सकता है। उच्च शिक्षा निदेशक डा. पीके पाठक ने बताया कि शिक्षाशास्त्र के प्राध्यापकों को अभी निदेशालय में ही नियुक्ति दी जा रही है। शीघ्र ही सभी को महाविद्यालयों में भेजा जाएगा।

Edited By: Skand Shukla