जागरण संवाददाता, नैनीताल : Conversion of Nainital Youth : नौकरी की तलाश में राजस्थान गए शहर के तल्लीताल निवासी युवक का वहां जबरन मतांतरण कर दिया गया। इस खबर से बुधवार को बुधवार को दिनभर यहां खलबली मची रही। पुलिस समेत स्थानीय खुफिया एजेंसियों के लोग युवक के स्वजनों की तलाश करते रहे। देर शाम पता चला कि पीडि़त युवक का परिवार कई साल पहले ही यहां से जा चुका है। उनकी पंतनगर के नगला में भी संपत्ति है। युवक का एक भाई अहमदाबाद में, जबकि दूसरा पानीपत में रहता है।

नैनीताल के तल्लीताल निवासी नितिन पंत का मीडिया को दिया गया बयान वायरल हो रहा है। इसमें वह बता रहा है कि 10 वर्ष पूर्व नौकरी की तलाश में वह राजस्थान गया था। वहां उसे मुस्लिम समाज के कुछ लोग मिले, जो उसे मेवात ले गए, जहां बंधक बनाकर बंदूक के बल पर इन लोगों ने उसका जबरन मतांतरण करा दिया और उसका नाम अली हसन रख दिया। जब उसने विरोध किया तो करंट तक लगाया गया।

शादी का लालच भी दिया गया। किसी तरह इस चुंगल से निकलकर वह सहारनपुर पहुंचा, जहां ङ्क्षहदू संगठन से जुड़े पदाधिकारियों ने उसकी मदद की। यह खबर सामने आते ही नगर में सुबह से शाम तक पुलिसकर्मी तल्लीताल क्षेत्र के कई लोगों से नितिन और उसके परिवार के बारे में जानकारी लेते रहे। आखिरकार देर रात युवक का शहर से लिंक निकल गया। एसओ विजय मेहता ने बताया कि नितिन के पिता देेवेंद्र पंत कोलकाता में नौकरी करते थे। जिस कारण शुरुआत से ही पूरा परिवार नैनीताल से बाहर रहता था। नितिन के बड़ा भाई भानु पंत पानीपत, जबकि शैलेंद्र पंत अहमदाबाद में रह रहे है। यहां नितिन के रिश्तेदार रहते हैं।

पिता की मृत्यु के बाद दूसरे शहर चले गए थे भाई

तल्लीताल पुलिस ने नितिन पंत के बड़े भाई शैलेंद्र पंत से फोन पर पूछताछ की तो शैलेंद्र ने बताया कि उनके पिता हिंदुस्तान मोटर्स में काम करते थे। जिस कारण सभी भाइयों की शिक्षा बाहरी शहरों में हुई। उनके दो भाई भानु पंत और नितिन पंत ने सोनीपत और हरिद्वार में पढ़ाई की। वही उन्होंने 1987-90 तक नैनीताल पालीटेक्निक में पढ़ाई की। 1990 में पिता की मृत्यु के बाद वह और भानु नौकरी की तलाश में बाहर निकल गए। छोटा भाई अधिक पढ़ाई नहीं कर पाया और करीब 15 वर्ष पूर्व बाहर निकलकर छोटे-मोटे काम करने लगा। इस बीच उससे कम ही संपर्क रहा। बताया कि वर्तमान में उनकी मां सुयालबाड़ी में उनकी बहन के साथ रहती है।

कभी-कभी नितिन करता था फोन

शैलेंद्र ने बताया कि कभी-कभी नितिन अलग-अलग नंबरों से उसे फोन कर आॢथक मदद मांगा करता था। नितिन ने कुछ समय पूर्व ही झांसे में लेकर उसका मतांतरण की जानकारी दी थी, मगर उन्होंने अधिक विश्वास नहीं किया। पांच दिन पूर्व सहारनपुर के किसी ङ्क्षहदू संगठन पदाधिकारी ने उन्हेंं यह सूचना दी तो विश्वास हुआ।

भाई के वापसी की गुहार

शैलेन्द्र छोटे भाई के जबरन मतांतरण की खबर से आहत है। उन्होंने पुलिस से किसी भी तरह भाई का ङ्क्षहदू धर्म में मतांतरण करने की गुहार लगाई है।

Edited By: Prashant Mishra