जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : Alert For Tourist : बरसात का मौसम शुरू होने के साथ ही पहाड़ी से पत्थर, मलबा आदि गिरने की आशंका बढ़ गई है। बरसात से उफनाए नाले छोटे-बड़े वाहनों को कभी भी अपनी चपेट में ले सकते हैं। ऐसे में पर्यटकों को बेहद सतर्क रहकर यात्रा करनी होगी। अन्यथा छोटी सी भूल जीवन पर भारी पड़ सकती है।

नैनीताल जिले में चोरगलिया से रामनगर, ज्योलीकोट से खैरना तक कुल आठ बेहद संवेदनशील स्थानों को एसएसपी कार्यालय की ओर से चिन्हित किया गया है। यहां आपदा कभी भी आसमानी आफत की तरह बरस सकती है। एसएसपी प्रीति प्रियदर्शिनी का कहना है कि पर्यटकों को अतिरिक्त सावधानी बरतते हुए यात्रा करनी होगी, जिससे संभावित खतरों से बचा जा सके।

यहां गिर सकता है पहाड़ी से मलबा

नैनीताल जिले की विभिन्न पहाडिय़ों से मलबा आने से सड़के बंद हो जाती हैं, जिससे यातायात ठप होने के साथ ही कई बार वाहनों पर पत्थर गिरने की आशंका भी बनी रहती है। एसएसपी कार्यालय से जारी सूची के अनुसार सलड़ी, ज्योलीकोट, मंगोली, कैंची धाम के पास व खैरना से काकड़ीघाट इसमें मुख्य हैं।

बरसाती नदी, नाले से प्रभावित क्षेत्र

बरसाती नदी व नाले से सड़क पर पानी भर जाता है, जिससे कई बार छोटे-बड़े वाहन भी पानी में बह जाते हैं। आसपास के क्षेत्र को काफी नुकसान भी झेलना पड़ता है, जिसमें मुख्य रूप से चोरगलिया का शेरानाला व सूर्यानाला, कालाढूंगी में मेथीशाह नाला, करकट नाला, रामनगर में धनगड़ी व रिगोंड़ा रपटा आदि शामिल हैं।

नैनीताल में मूसलधार बारिश से डूबीं सड़कें, झील का जलस्तर बढ़ा

सरोवर नगरी में बुधवार को हुई मूसलधार बारिश का जनजीवन पर बुरा असर पड़ा। इस दौरान कई सड़के जलमग्न हो गईं और नाले उफान रहे। झील का जलस्तर भी 11 फीट के करीब जा पहुंचा है। बीती रात से ही नैनीताल में बारिश का क्रम शुरू हो गया था, जो बुधवार दोपहर तीन बजे तक जारी रहा। इस दौरान तल्लीताल बोट स्टैंड व लोअर माल रोड कई जगहों पर पानी में डूबा रहा। जिस कारण आने-जाने वालों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा। सीवर लाइन भी ओवरफ्लो होकर गंदा पानी झील में समाता रहा। सिंचाई विभाग के जेई नीरज तिवारी के अनुसार, झील का जलस्तर बढ़ गया है। 12 फीट पहुंचने पर पानी की निकासी शुरू कर दी जाएगी। पिछले 36 घंटे में 50 मिमी बारिश हुई है।

Edited By: Prashant Mishra