जागरण संवाददाता, रुद्रपुर : आखिर क्यों जिला प्रशासन ने आरोपित के परिवार को छह शस्त्र लाइसेंस जारी कर दिए गए हैं। आसमान टूट गया या जमीन धंस गई जो प्रशासन ने पुरुषों के साथ ही परिवार की महिलाओं के नाम पर भी लाइसेंस जारी कर दिए। यही लाइसेंसी हथियार एक ही परिवार के दो युवा पुत्रों को उनसे दूर करने का बहुत बड़ा कारण बन गया।

तराई में लाइसेंसी हथियार रखना खतरनाक शौक बनता जा रहा है। लाइसेंसी हथियारों से शौक में की गई फायरिंग कई बार मौत का कारण भी बन चुकी है। हर्ष फायरिंग में कई बार शादी की खुशियां मातम में बदलते देखी गई हैं, लेकिन इसके बाबजूद प्रशासन ने कभी इस बात पर मंथन नहीं किया कि लाइसेंस हासिल करने वाले को शस्त्र की कितनी जरूरत है। रसूखदार लोग राजनीतिक दवाब में आसानी से लाइसेंस हासिल कर लेते हैं। ऐसा ही मामला प्रीतनगर में डबल मर्डर के आरोपित के पकड़े जाने के बाद सामने आया। राजनीतिक पहुंच का लाभ उठाते हुए उसने भी छह लाइसेंस बनवा लिए।

इनके नाम जारी हुए हैं शस्त्र लाइसेंस

-डबल मर्डर के मुख्य आरोपित राकेश मिश्रा उर्फ पप्पू मिश्रा के नाम पर एक पिस्टल 32 बोर व एक एसबीबीएल बंदूक है।

-उनके भाई जो उत्तराखंड पुलिस में है राजेश मिश्रा उनके नाम भी एक 32 बोर की रिवाल्वर व 315 बोर की रायफल का लाइसेंस है।

-उनके परिवार की दोनों महिलाओं के नाम भी दो बंदूक हैं। राकेश मिश्रा की पत्नी नीलम मिश्रा व राजेश मिश्रा की पत्नी एकता मिश्रा के नाम पर 12 बोर की दोनाली बंदूक का लाइसेंस जारी है। पुलिस महिलाओं को जारी किए लाइसेंस की आवश्यकता की भी जांच करेगी।

राकेश मिश्रा के दोनों लाइसेंस होंगे निरस्त

राकेश मिश्रा के दोनों शस्त्र लाइसेंस के निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने दोनों लाइसेंसी हथियारों के संबंध में जानकारी एकत्र कर ली है। एसएसपी दलीप ङ्क्षसह कुंवर ने डबल मर्डर के मुख्य आरोपित राकेश मिश्रा के दोनों लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई के निर्देश दे दिए है। कोतवाली पुलिस की रिपोर्ट पर एसएसपी जिलाधिकारी को लाइसेंस निरस्तीकरण की रिपोर्ट भेज आरोपित का लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति करेंगे।

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