संस, रामनगर : जस्सागाजा गांव में पूर्व सैनिक की मौत के बाद कालूसिद्ध गेट बंद किए जाने से नाराज ट्रासपोर्टर व खनन श्रमिक विरोध में उतर गए है। सोमवार को उन्होंने जुलूस की शक्ल में तहसील पहुचकर प्रदर्शन किया। जस्सागाजा प्रधान के खिलाफ भी नारेबाजी की। एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर कालूसिद्ध गेट को खनन कार्य के लिए जल्द खोले जाने की माग की। ऐसा न होने पर आदोलन की चेतावनी दी है।

बीते दिनों जस्सागाजा गाव में स्कूटी सवार पूर्व सैनिक पान सिंह रावत को उपखनिज से लदे डपर ने कुचल दिया था। ग्रामीणों की माग पर प्रशासन ने कालूसिद्ध गेट को अस्थाई रूप से बंद कर उसके वाहन अन्य गेटों में शिफ्ट करने का निर्णय लिया। सोमवार को कालूसिद्ध गेट बंद होने से नाराज ट्रासपोर्टर खनन श्रमिकों को लेकर भवानीगंज से जुलूस की शक्ल में तहसील पहुचकर धरने पर बैठ गए। वक्ताओं ने कहा कि कालूसिद्ध गेट बंद होने से नदी में श्रमिक व डपर मालिकों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। अचानक इस तरह से इतना बड़ा निर्णय ले लेने से गरीब परिवारों के सामने समस्या उत्पन्न हो गई है। इस विषय पर गंभीरता से सोचा जाना चाहिए। इस गेट के वाहन अन्य गेटों में शिफ्ट करने से वहा भी दबाव पड़ेगा। ऐसे में व्यवस्था पूर्व की भांति बनाए रखन जरूरी है ताकि गरीब परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा न हो। एसडीएम विजय नाथ शुक्ल को ज्ञापन देकर गेट बंद नहीं किए जाने की माग की। इस दौरान महेद्र प्रताप बिष्ट, अनवर मलिक, मोईन खान, शालीन शर्मा, देवेंद्र कुमार, मुस्तकीम, अकरम, जगन्नाथ सिंह मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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