संवाद सहयोगी, रामनगर: बाघों के लिए विश्वविख्यात कॉर्बेट टाइगर रिजर्व व उससे सटे वन प्रभागों में जलीय जीवों की भी गणना की जाएगी। 11 साल बाद यह गणना विभाग द्वारा कराई जा रही है। ऐसे में कॉर्बेट प्रशासन को जलीय जीव बढ़ने की उम्मीद है। इसके लिए टीमें बनाकर तैयारी शुरू कर दी गई है।

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में वर्ष 2008 में जलीय जीवों की गणना कराई थी। जलीय जीवों में पर्यटन जोनों में मगरमच्छ, घड़ियाल व ऊदबिलाव की गणना होनी है। उस वक्त गणना में मगरमच्छों की संख्या 133, घड़ियाल 128 व ऊदबिलाव की संख्या 158 थी। सबसे ज्यादा संख्या कॉर्बेट के रामगंगा नदी में पाई गई थी। इसके बाद से विभाग द्वारा कभी भी जलीय जीवों का पता लगाने के लिए गणना नहीं कराई गई। अब कॉर्बेट में जलीय जीवों की गणना शुरू कराने का निर्णय लिया गया है। इस बारे में कॉर्बेट प्रशासन ने अलग-अलग क्षेत्रों में वन कर्मियों की टीमें बना दी हैं। इसके अलावा रामनगर वन प्रभाग में भी होने वाली जलीय जीवों की गणना के लिए रेज कर्मियों को चूनाखान में प्रशिक्षण दिया गया। रामनगर वन प्रभाग में दो वर्ष पूर्व भी जलीय जीवों की गणना हुई थी। प्रशिक्षण में कोसी रेजर ललित मोहन जोशी, वीरेद्र पाडे, प्रमोद पंत मौजूद रहे। कॉर्बेट व रामनगर वन प्रभाग में गणना का यह कार्य 22 से 24 फरवरी तक चलेगा। इसके बाद जलीय जीवों की गणना कर उसकी वास्तविक संख्या का पता लगाया जाएगा। सीटीआर के निदेशक राहुल ने बताया कि 11 साल बाद यह गणना कराई जा रही है। अब होने वाली गणना में जलीय जीवों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस