जासं, हल्द्वानी : नगर निगम में शामिल नए क्षेत्र में लगने वाले हाट बाजारों से तहबाजारी वसूलने में अनियमितता का आरोप लगा है। अनियमितता के विरोध में शुक्रवार को यूकेडी कार्यकर्ताओं ने नगर निगम परिसर में धरना देकर अफसरों व कर्मियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया।

यूकेडी नेता व पार्षद रवि वाल्मीकि के नेतृत्व में शुक्रवार को कई कार्यकर्ता निगम परिसर में धरने पर बैठ गए। निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कहा कि निगम के नए क्षेत्रों में हाट बाजारों से तहबाजारी शुल्क वसूला जा रहा है, लेकिन दस्तावेजों में आधी-अधूरी धनराशि दर्शाई जा रही है। राकेश भट्ट ने कहा कि उनके पास वित्तीय अनियमितता के प्रमाण हैं। उन्होंने वित्तीय अनियमितता की तत्काल जांच कराकर दोषी अफसरों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। धरना देने वालों में सुशील उनियाल, होशियार भंडारी, कौशिक, काजल रावत, सुनीता जोशी, मातवर सिंह रावत, मो. इरफान, उस्मान सैफी, पुष्पा राणा, मो. फुरकान, विपुल जोशी, नीलम करायत, मंजू भंडारी शामिल रहे।

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पांच हाट बाजारों को अनुमति

नगर निगम सीमा विस्तार के बाद जिला पंचायत क्षेत्र में लगने वाले हाट बाजार नगर निगम मे दायरे में आ गए। नगर निगम ने 20 फीसद धनराशि बढ़ाने पर सहमत पांच ठेकेदारों को एक साल के लिए हाट बाजार अलाट कर दिए। इसमें गौजाजाली, लोहरियालसाल, लालडांठ, कुसुमखेड़ा, डहरिया शामिल हैं। दूसरी ओर कई लोग अवैध रूप से हाट बाजार संचालित कर रहे हैं।

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वर्जन

हाट बाजारों से नगर निगम किसी तरह की तहबाजारी नहीं वसूलता। तय राशि कुछ चुनिंदा हाट बाजारों को निगम की अनुमति प्राप्त है। एक्ट प्रकाशित होना है, इसके प्रभावी होते ही अवैध हाट बाजारों पर सख्ती से कार्रवाई होगी।

- सीएस मर्तोलिया, आयुक्त नगर निगम हल्द्वानी

Posted By: Jagran

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