किशोर जोशी, नैनीताल

सरोवरनगरी की शान और जीवनदायिनी नैनी झील का जलस्तर चिंता का विषय बनता जा रहा है। पिछले दो महीनों में झील के जलस्तर में जबरदस्त गिरावट आई है। फरवरी में आमतौर पर सामान्य से सात फिट अधिक रहने वाला जलस्तर इस बार सामान्य से आधा फिट कम है। यही नहीं इस साल दो बार झील का जलस्तर सामान्य से नीचे जा चुका है। आमतौर पर झील का जलस्तर सामान्य पर मई या जून में ही होता है। जलस्तर कम होने के कारण झील किनारे डेल्टा उभर आए हैं।

शहर में साल दर साल कम बारिश होने का असर झील की सेहत पर पड़ रहा है। इस बार सामान्य बारिश व दो बार बर्फबारी से झील के जलस्तर में मामूली सुधार हुआ। झील नियंत्रण कक्ष के किशन के अनुसार रविवार को झील का जलस्तर सामान्य से भी आधा फिट नीचे चला गया। पिछली बार जून में जलस्तर सामान्य से सात फिट एक इंच अधिक था। इस बार तो जून में जलस्तर में रिकॉर्ड कमी आने की संभावना है। जलस्तर में कमी की वजह से छावनी परिषद द्वारा पानी खींचने के लिए लगाई गई मोटर के पाइप जनवरी में ही लगा दी गई, जबकि आमतौर पर मोटर अप्रैल में लगाई जाती थी। तल्लीताल फांसी गधेरा, माल रोड क्षेत्र तथा मल्लीताल क्षेत्र में तमाम स्थानों पर डेल्टा उभरने से झील का आकार तक बदलने लगा है।

2002 में पहली बार सामान्य हुआ था जलस्तर

नैनीताल : झील के जलस्तर में अधिक कमी 2002 से देखने को मिली। हमेशा सामान्य से अधिक रहने वाला जलस्तर पहली बार 2002 में सामान्य पर आया था। झील के जलस्तर पर शोध कर चुके प्रो. जीएल साह बताते हैं कि 1991 में सबसे कम 136 सेमी बारिश हुई मगर तब भी जून में जलस्तर सामान्य से साढ़े सात फिट अधिक था। जलस्तर में गिरावट की वजह प्राकृतिक जलस्रोतों में कमी या झील के पानी का रिसाव हो सकता है। इस मामले में अब प्रशासन के साथ ही लोगों को भी जागरूक होने की जरूरत है।

कब-कब सामान्य रहा जलस्तर

माह वर्ष

जून 2002

जून 2004

मई 2009

मई 2011

30 अप्रैल 2012

20 मई 2013

17 मई 2014

16 जनवरी 2016

25 जनवरी 2017

19 फरवरी 2017

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