जागरण संवाददाता, रुड़की: शिक्षकों की कमी से जूझ रहे विद्यालयों में समायोजन को लेकर विभाग ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। सभी उप शिक्षा अधिकारियों की 11 सितंबर को बैठक बुलाई गई है। शिक्षकों का समायोजन काउंस¨लग के जरिए होगा। शिक्षक को च्वाइस के हिसाब से समायोजन किया जाएगा। मानक से अधिक शिक्षक वाले विद्यालयों में कम अवधि से तैनात शिक्षकों का समायोजन ही किया जाएगा।

पर्वतीय जिलों की तुलना में हरिद्वार जिले की स्थिति कुछ और है। यहां पर दुर्गम विद्यालयों में तो मानक से अधिक शिक्षक तैनात हैं, जबकि सुगम विद्यालयों में मानक से कम। कई जगह तो शिक्षक ही नहीं है। विभाग चाहकर भी शिक्षकों की तैनाती नहीं कर पा रहा था। नियम उसमें आड़े आ रहे थे। अब विभाग की ओर से शिक्षकों के समायोजन की तैयारी कर ली गई है। जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक ब्रह्मपाल ¨सह सैनी ने बताया कि 11 सितंबर को मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय में सभी उप शिक्षा अधिकारियों को बुलाया गया है। शिक्षकों के समायोजन को लेकर चल रही कवायद को अंतिम रूप दिया जाएगा। हेड मास्टर का समायोजन नहीं किया जाएगा। इसके अलावा जो शिक्षक किसी विद्यालय में तीन साल से अधिक वर्ष से तैनात हैं, उनको उसी विद्यालय में समायोजित माना जाएगा। तीन वर्ष से कम कार्यकाल वाले शिक्षक का समायोजन दूसरी जगह किया जाएगा। तीन वर्ष की सेवा अवधि की गणना 6 सितंबर 2018 से मानी गई है। इस माह में प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा।

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