संवाद सूत्र, बहादराबाद: उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय छात्र कल्याण परिषद ने छात्रों की समस्याओं को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन दिया। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।

गुरुवार को ज्ञापन के माध्यम से छात्रों ने बताया कि विश्वविद्यालय से मान्यता प्राप्त अधिकतर महाविद्यालयों में निर्धारित शुल्क से अधिक शुल्क वसूले जाते हैं। महाविद्यालय मात्र सिर्फ दो कमरों में सिमटे हुए हैं, उनके पास न खेल मैदान है और न ही पुस्तकालय। इसके अलावा प्रयोगशाला और स्टाफ नहीं होने से कक्षाएं भी नियमित नहीं चल पातीं। विश्वविद्यालय में भी शिक्षकों की कमी, पुस्तकालय में पुस्तकों का अभाव, पेयजल की समस्या के अलावा कैंटीन की हालत बहुत खराब है। परिसर के अंदर बिजली के तार खुले हैं। उन्होंने छात्र सहायता केंद्र जल्द खुलवाने, योग प्रयोगशाला का निर्माण, विश्वविद्यालय में बीए (शास्त्री) के सभी विषयों को जल्द लागू कराने, सभी विषय में पीएचडी लागू, निर्धन छात्रों को छात्रवृत्ति और विश्वविद्यालय परिसर में एक डॉक्टर प्रतिदिन उपलब्ध कराने की मांग की। छात्रसंघ अध्यक्ष प्रभात पवांर अक्षित चौधरी, संजीव कुमार, अक्षय चौधरी, अंकित पवार, अंकित शर्मा, रोहित, गौरव, मोहित, सौरभ, गिरीश कुमार आदि मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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