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अब सिर्फ ढाई घंटे में दिल्ली-हरिद्वार का सफर, दिसंबर से खुलेगा स्पर-टू कॉरिडोर

Published: Thu, 29 Oct 2026 08:58 AM (IST)Updated: Thu, 29 Oct 2026 09:02 AM (IST)

दिल्ली-हरिद्वार के बीच 51 किलोमीटर लंबे स्पर-टू कॉरिडोर का 95% से अधिक काम पूरा हो गया है, जो दिसंबर से वाहनों के लिए खुल जाएगा।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

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शैलेंद्र गोदियाल, हरिद्वार। अर्धकुंभ-2027 की तैयारियों के बीच दिल्ली से हरिद्वार की राह आसान होने जा रही है। 51 किलोमीटर लंबे स्पर-टू हरिद्वार कॉरिडोर का काम अंतिम चरण में है, जो नवंबर में पूरा होने की उम्मीद है।

दिसंबर से इस पर वाहन फर्राटा भरने लगेंगे। इसके बाद दिल्ली-एनसीआर से आने वाले यात्रियों का सफर आसान हो जाएगा।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के मंगलवार को एक कार्यक्रम में दिए बयान से भी इस परियोजना को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं। जिसमें उन्होंने दिल्ली से हरिद्वार की कनेक्टिविटी बेहतर बनाने और अगले महीने नया मार्ग खोलने की दिशा में काम किए जाने की बात कही थी।

दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे से जुड़ने वाला यह मार्ग हरिद्वार सहित चारधाम यात्रा की यातायात व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) के अनुसार, 51 किलोमीटर लंबे छह लेन के एक्सेस कंट्रोल्ड स्पर-टू हरिद्वार कॉरिडोर का 95 प्रतिशत से अधिक निर्माण पूरा हो चुका है। बहादराबाद टोल प्लाजा के पास एक छोटे हिस्से में काम शेष है। जिसका निर्माण भी जल्द पूरा होने की उम्मीद है। यह कॉरिडोर सहारनपुर के हलगोया मुस्तकम से शुरू होकर भगवानपुर, सालियर, कलियर होते हुए भड़ेड़ी राजपूताना से बहादराबाद के पास मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्ग-58 से जुड़ रहा है।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हुआ है। इसी क्रम में दिल्ली से हरिद्वार की कनेक्टिविटी सुधारने की योजना महत्वपूर्ण है।

वाहनों का दबाव कम करने में मिलेगी मदद

अर्धकुंभ के दौरान दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचेंगे। वर्ष भर आने वाले स्नान पर्व पर भी दिल्ली एनसीआर के लोग बड़ी संख्या में हरिद्वार आते हैं, उन्हें भी स्पर-टू हरिद्वार के चालू होने से आवाजाही में सुविधा मिलेगी।

कारोबारियों को भी मिलेगा फायदा

नए मार्ग का लाभ केवल अर्धकुंभ तक सीमित नहीं रहेगा। दिल्ली-एनसीआर से आने वाले पर्यटकों और चारधाम तीर्थयात्रियों को हरिद्वार पहुंचने में ढाई घंटे से कम का समय लगने की उम्मीद है।

इससे हरिद्वार में होटल, धर्मशाला, परिवहन, खानपान और स्थानीय बाजारों से जुड़े कारोबारियों को पर्यटकों की आवाजाही सुगम होने का लाभ मिलने की संभावना है। सिडकुल के मालवाहक वाहनों और स्थानीय लोगों के लिए भी यातायात प्रबंधन बेहतर होने पर आवागमन आसान हो सकता है।

स्पर-टू हरिद्वार कॉरिडोर का 95 प्रतिशत से अधिक निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। परियोजना के शेष कार्यों को तेजी से पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। लक्ष्य है कि दिसंबर में मार्ग को यातायात के लिए खोल दिया जाए। इसके शुरू होने से दिल्ली-हरिद्वार आने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। जिसमें करीब ढाई घंटे का समय लगेगा। - अतुल शर्मा, अधिशासी अभियंता एनएचएआइ (रुड़की परियोजना)

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