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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 25, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हरिद्वार के छापुर में संदिग्ध बुखार से सात लोगों की मौत, दस अस्पताल में भर्ती

By Raksha PanthariEdited By:
Published: Wed, 25 Sep 2019 09:02 PM (IST)

छापुर गांव में संदिग्ध बुखार का प्रकोप बढ़ गया है। एक माह के भीतर सात लोगों की मौत हो चुकी ...और पढ़ें

हरिद्वार के छापुर में संदिग्ध बुखार से सात लोगों की मौत, दस अस्पताल में भर्ती
हरिद्वार के छापुर में संदिग्ध बुखार से सात लोगों की मौत, दस अस्पताल में भर्ती

रुड़की, जेएनएन। भगवानपुर क्षेत्र के चौली छापुर गांव में संदिग्ध बुखार का प्रकोप बढ़ गया है। एक माह के भीतर सात लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं बुधवार को बुखार से पीड़ित दस मरीजों को उपचार के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा बड़ी संख्या में ग्रामीण निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। गांव में बुखार के इस प्रकोप से प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के हाथ-पांव फूले हुए हैं। बुखार से पीडि़त कई मरीजों की हालत नाजुक बनी हुई है। ग्रामीणों में संदिग्ध बुखार को लेकर दहशत है। एसडीएम और जिला मलेरिया अधिकारी ने टीम के साथ गांव पहुंचकर पूरी स्थिति का जायजा लिया। गुरुवार को भी एक टीम छापुर गांव जाएगी।

भगवानपुर के छापुर गांव में संदिग्ध बुखार का प्रकोप जानलेवा हो चुका है। बुखार से सात लोगों की मौत होने की खबर सुनकर बुधवार को एसडीएम संतोष कुमार पांडे गांव पहुंचे। हरिद्वार जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. गुरनाम ङ्क्षसह एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. विक्रांत सिरोही भी टीम के साथ गांव पहुंचे। शिविर लगाकर बुखार पीडि़त ग्रामीणों को दवाएं दी गई। 200 से अधिक लोगों को दवा दी गई। इसके अलावा करीब 40 लोगों के खून के सैंपल लिए गए हैं। वहीं बुखार से पीडि़त दस गंभीर मरीजों को 108 एंबुलेंस से सिविल अस्पताल के ट्रामा सेंटर लाया गया। कई मरीज रुड़की के निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। जबकि कई मरीजों का उपचार देहरादून में चल रहा है।

ट्रामा सेंटर में तैनात डॉ. विरेंद्र कुमार ने बताया कि मरीजों के खून की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद ही पता चल सकेगा कि मरीजों को बुखार किस कारण से हुआ है। उधर, एक मरीज रानी ने किसी निजी पैथोलोजी में खून की जांच कराई है। उसकी जांच में स्क्रब टाइफस आया है। एसडीएम संतोष कुमार सिंह ने बताया कि लेखपाल से बुखार से मरने वालों की संख्या के बारे जानकारी कराई गई है। जिसमें सात लोगों के मरने की बात सामने आई है।

अभी यह कहना मुश्किल है कि उनकी मौत डेंगू से हुई या फिर किसी और कारण से। गुरुवार को टीम दोबारा से गांव जाएगी। और पूरी जानकारी जुटाएगी। वहीं डॉ. विक्रांत सिरोही ने बताया कि बुखार पीडि़त चार लोगों के मरने की पुष्टि हो चुकी है। जिसमें एक महिला तस्लीम, एक बच्चा अरविंद और एक युवक फिरोज है। स्वास्थ्य विभाग की टीम इनके घर जाकर परिवार के लोगों से पूरी जानकारी करेगी। 

फ्रिज की ट्रे से मिला डेंगू का लार्वा

जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. गुरनाम सिंह ने बताया कि सर्वे के दौरान कुछ घरों में फ्रिज, कूलर और अन्य स्थानों पर डेंगू का लार्वा मिला है। आशाओं को निर्देशित कर दिया है कि वे घर-घर जाकर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें। साथ ही लोगों को इसके प्रति जागरूक भी किया जाए। जिन मरीजों के सैंपल लिये गए हैं उनकी जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने पर ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी। टीम गुरुवार को भी गांव जाएगी। 

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मरीजों को है बुखार, शरीर में दर्द और जकड़न

छापुर गांव से लाए गए बुखार से पीडि़त सभी ग्रामीणों ने बताया कि बुखार के साथ उनके सिर में दर्द है। पूरे शरीर में जकड़न है। इसके अलावा पांव में बहुत ज्यादा दर्द है। चिकित्सकों का कहना है कि डेंगू और स्क्रब टाइफस में भी यह लक्षण मरीज को होते हैं।

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