संवाददाता, रुड़की: गन्ना मंत्री के आश्वासन पर किसानों ने प्रशासन को 10 दिन का समय दिया है। इस बीच गन्ने का भुगतान नहीं होता है तो किसान 20 सितंबर को महापंचायत कर शहर से गुजरने वाले दोनों हाईवे पर जाम लगाया जाएगा। वहीं, गन्ना मंत्री ने भी डीएम को प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए है।

धरना स्थल पर उत्तराखंड किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड ने कहा कि गन्ना मंत्री ने गन्ना एक्ट में उप्र की तर्ज पर बदलाव का आश्वासन दिया है। साथ ही गन्ना कोल्हू एवं क्रशर को स्थापित करने में भी छूट देने की बात कही है। गन्ना मंत्री ने आश्वासन दिया है कि 20 सितंबर से पहले गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर बना गतिरोध समाप्त हो जाएगा। वहीं, किसानों ने भी एलान किया कि 20 सितंबर को रुड़की कचहरी धरना स्थल पर महापंचायत का आयोजन होगा। इसके लिए पूरे जिले के किसानों को संदेश भेजा गया है। महापंचायत के बाद किसान दोनों राजमार्ग को जाम कर देंगे। इस बार आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। चीनी मिलों को गन्ना तभी दिया जाएगा, जब पिछले गन्ने की एक-एक पाई किसान के खाते में पहुंच जाएगी। इस मौके पर किसान क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड, महकार ¨सह, राजपाल ¨सह, सुरेन्द्र आदि मौजूद रहे। इनसेट--

इकबालपुर मिल के जीएम ने दिया इस्तीफा

झबरेड़ा: किसानों का गन्ना भुगतान देने में फिसड्डी इकबालपुर चीनी मिल को एक और झटका लगा है। चीनी मिल में पिछले 34 सालों से विभिन्न पदों पर कार्य करते हुए वर्तमान में महाप्रबंधक गन्ना पवन ढींगरा ने इस्तीफा दे दिया है।इससे पहले पिछले वर्ष चीनी मिल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनमोहन शर्मा ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। किसानों के आंदोलन को समाप्त कराने में अक्सर दोनों ही अधिकारियों की अहम भूमिका रहती थी। सूत्रों की माने इकबालपुर चीनी मिल की लगातार खराब होती वित्तीय स्थिति के एवं कुप्रबंधन की वजह से उन्होंने इस्तीफा दिया है।

Posted By: Jagran