जागरण संवाददाता, हरिद्वार। Mahant Narendra Giri Death Case अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि की मौत की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) की टीम ने हरिद्वार के श्यामपुर कांगड़ी के निकट गाजीवाला में स्वामी आनंद गिरि के आश्रम पहुंचकर गहन पड़ताल की। श्रीमहंत नरेंद्र गिरि की मौत के सिलसिले में उनके शिष्य आनंद गिरि को गिरफ्तार किया गया है। कमरे से मिले एक पत्र के आधार पर पुलिस ने आनंद गिरि समेत तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि की पिछले दिनों बाघम्बरी मठ स्थित उनके कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस सिलसिले में उनके शिष्य आनंद गिरि के साथ ही लेटे हनुमान जी के मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी और उसके बेटे संदीप तिवारी को गिरफ्तार किया है। बाद में मामला सीबीआइ को हस्तांतरित कर दिया गया। सीबीआइ ने तीनों को सात दिन की रिमांड पर लिया है। बुधवार दिनभर प्रयागराज में तीनों आरोपितों से पूछताछ के बाद सीबीआइ टीम ने आनंद गिरि को साथ लेकर उत्तराखंड का रुख किया।

सीबीआइ की टीम शाम करीब सवा पांच बजे आनंद गिरि को लेकर यहां जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंची। यहां से टीम ने आनंद गिरि के हरिद्वार स्थित आश्रम का रुख किया। बगैर नक्शा पास कराने के आरोप में हरिद्वार विकास प्राधिकरण ने पिछले दिनों इस आश्रम को सील कर दिया था। सीबीआइ टीम के कहने पर प्राधिकरण स्टाफ ने आश्रम की सील खोली। सीबीआइ टीम ने आश्रम को मुआयना किया और इसके बाद करीब दो घंटे तक आनंद गिरि से पूछताछ की।

आश्रम में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। बताया गया कि यहां से टीम आनंद गिरि को लेकर हरिद्वार के मायापुर स्थित निरंजनी अखाड़े में भी जाएगी। हालांकि सीबीआइ टीम आधिकारिक तौर पर कुछ भी बोलने से बचती रही। सूत्रों के अनुसार सीबीआइ आनंद गिरि से संपर्क रखने वाले कुछ और संतों, प्रॉपर्टी डीलरों और कारोबारियों से भी पूछताछ कर सकती है। इस दौरान आश्रम के आसपास पुलिस बल तैनात रहा।

आश्रम में सेवादारों से पूछताछ

इससे पहले सीबीआइ की देहरादून टीम ने आनंद गिरि के आश्रम पहुंचकर सेवादारों से पूछताछ की। सेवादारों से जानकारी हासिल की कि आश्रम में कौन-कौन लोग आते थे। उनकी गतिविधियां क्या रहती थी। आनंद गिरि कब से इस आश्रम में रह रहे थे, कब लौटे और यहां उनकी दिनचर्या क्या रहती थी। आनंद गिरि के इस आश्रम से 20 सितंबर को सीसीटीवी की डीवीआर चोरी हो गई थी। सीबीआइ टीम ने इसके बारे में भी जानकारी जुटाई। यह भी आशंका जताई जा रही है कि कोई सुबूत मिटाने के लिए साजिशन तो ऐसा नहीं करवाया गया।

डीवीआर में छुपे हो सकते हैं कई राज

आनंद गिरि के आश्रम के सीसीटीवी कैमरों और उससे संबंधित डीवीआर में कई राज छिपे हो सकते हैं। आनंद गिरि से मिलने आने-जाने वालों लोगों का राज छिपा हो सकता है।

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Edited By: Raksha Panthri