जागरण संवाददाता, रुड़की: वैसे तो रुड़की में मानसून ने जून में ही दस्तक दे दी थी, फिर भी मानसून की राहत देने वाली बारिश के लिए शहरवासियों को तरसना पड़ रहा है। आलम यह है कि शहर के एक हिस्से में बारिश हो रही है तो कुछ दूरी पर सूखा ही रह जा रहा है। यही वजह है कि मानसून के सीजन में भी आग उगलती गर्मी झेलनी पड़ रही है। वहीं बीते माह शहर में सामान्य से 64.8 फीसद कम बरसात दर्ज हुई है।

इस वर्ष शहर में मानसून 23 जून को पहुंच गया था। इसके बावजूद प्रचंड गर्मी ने शहरवासियों को बेहाल कर दिया है। उधर, जून और जुलाई में अब तक वर्षा के आंकड़ों पर नजर डालें तो बीते माह जून में शहर में सामान्य से 64.8 फीसद कम बरसात दर्ज की गई। आइआइटी रुड़की परिसर स्थित कृषि मौसम वेधशाला से मिली जानकारी के अनुसार इस साल जून में कुल 46 एमएम बरसात हुई थी। वहीं एक से पंद्रह जुलाई के मध्य कुल आठ दिन बारिश हुई। जुलाई में अब तक 115.6 एमएम बरसात हो चुकी है। जबकि, गत वर्ष एक से पंद्रह जुलाई के मध्य 152.3 एमएम बरसात हुई थी। जून में सामान्य बरसात 130.9 एमएम और जुलाई में सामान्य बरसात 264.7 एमएम होती है।

Posted By: Jagran

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