हरिद्वार में मनसा देवी पहाड़ी पर भूस्खलन सक्रिय: 300 मीटर सड़क और पुलिस ध्वस्त, लगातार बारिश बनी मुसीबत
हरिद्वार में लगातार बारिश से मनसा देवी पहाड़ी पर भारी भूस्खलन हुआ है, जिससे हिल बाइपास पर पुलिया और 300 ...और पढ़ें

हिल बाईपास के निकट शिवालिक पर्वत माला पर हुआ भूस्खलन सक्रिय, जिससे हिल बाईपास पर एक पुलिया और सड़क का बड़ा हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया है। जागरण
HighLights
मनसा देवी पहाड़ी पर भारी भूस्खलन से हिल बाइपास क्षतिग्रस्त।
भीमगोड़ा की बस्तियों और रेलवे लाइन पर भूस्खलन का खतरा।
वन मंत्रालय की अनुमति न मिलने से ट्रीटमेंट कार्य रुका।
शैलेंद्र गोदियाल, हरिद्वार। इस मानसून सीजन में लगातार हो रही वर्षा ने हरिद्वार की शिवालिक पर्वत माला को फिर से भी हिला दिया है। मनसा देवी की पहाड़ी पर भारी भूस्खलन हुआ है। जिससे हिल बाइपास पर एक पुलिया सहित सड़क का करीब 300 मीटर हिस्सा भूधंसाव की जद में आकर ध्वस्त हो चुका है। जिससे यह मार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया है।
इस पहाड़ी पर वर्ष 2025 में भी भारी भूस्खलन हुआ। लेकिन, अभी तक इसका ट्रीटमेंट कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इसके लिए अभी वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से अनुमति नहीं मिल पाई है।
भीमगोड़ा के निकट दो बस्तियों और रेलवे लाइन को खतरा
इस बार अगस्त के अंतिम सप्ताह से लेकर सितंबर के पहले और दूसरे सप्ताह में औसतन हर दूसरे दिन वर्षा हुई है। वर्षा का सबसे अधिक असर मनसा देवी की पहाड़ी पर पड़ा है। यहां पिछले वर्ष हुआ भूधंसाव फिर से सक्रिय हो गया है। इस भूधंसाव से लोनिवि द्वारा तीन माह पहले हिल बाइपास पर बनाई गई पुलिया और सड़क का करीब 300 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो चुका है।

हिल बाईपास के निकट शिवालिक पर्वत माला पर हुआ भूस्खलन सक्रिय, जिससे हिल बाईपास पर एक पुलिया और सड़क का बड़ा हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया है। जागरण
इस बार भूस्खलन और भूधंसाव का दायरा भी बढ़ गया
इस बार भूस्खलन और भूधंसाव का दायरा भी बढ़ गया है। इस भूधंसाव से तलहटी पर बसी दो बस्तियों के सैकड़ों परिवारों और हरिद्वार देहरादून-ऋषिकेश रेलवे लाइन सहित भीमगोड़ा पर भी खतरा मंडराने लगा है। वर्षा अधिक होने की स्थिति में खतरे की जद वाले भीमगोड़ा क्षेत्र में तो राजाजी टाइगर रिजर्व और प्रशासन ने अलर्ट भी किया है। इस क्षेत्र में तलहटी की ओर बांस के जंगल ने भूस्खलन व पत्थरों को कुछ हद तक थाम रखा है।
यह भी पढ़ें- धामी के नेतृत्व में भाजपा जीत सकती है 54 सीटें, सर्वे में कांग्रेस को तगड़ा झटका
यह भी पढ़ें- Uttarakhand Weather: पहाड़ों पर गरज-चमक के साथ बारिश का यलो अलर्ट, मैदान में हल्की वर्षा
ये सेंड स्टोन व मडस्टोन का पहाड़ है
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर बीते वर्ष उत्तराखंड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र के भूविज्ञानियों ने स्थलीय निरीक्षण किया था और वृहद ट्रीटमेंट करने का सुझाव दिया। इस निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ भूविज्ञानी डॉ. रुचिका टंडन ने बताया था कि मनसा देवी की पहाड़ी और भीमगोड़ा क्षेत्र में भूस्खलन एक विशेष भूगर्भीय समस्या है। ये सेंड स्टोन व मडस्टोन का पहाड़ है। जो बहुत कमजोर होते हैं। भूविज्ञानियों के सुझाव पर एक वृहद ट्रीटमेंट प्लान तैयार किया गया।
इसके लिए बजट की स्वीकृति भी मिल चुकी है। लेकिन, यह क्षेत्र राजाजी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में होने के कारण ट्रीटमेंट कार्य शुरू करने की अनुमति नहीं मिली है।
भूधंसाव से हिल बाइपास की पुलिया और सड़क क्षतिग्रस्त हुई है। भूविज्ञानियों के अनुसार ये पहाड़ी सेंड स्टोन व मडस्टोन की हैं। जो काफी कमजोर होती हैं। भूस्खलन से आसपास मिट्टी के टीलों के बीच गहरी और लंबी दरारें हैं। जिससे भूधंसाव का अधिक खतरा बना हुआ है। ट्रीटमेंट का कार्य स्वीकृत है जिसकी राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन से अनुमति मिलनी शेष है। लेकिन, इस ट्रीटमेंट के साथ बांस आदि का वृहद वनीकरण भी जरूरी है।
