जागरण संवाददाता, रुड़की: शहर में फर्जी नंबर प्लेट लगे वाहन धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। फर्जी नंबर प्लेट लगे वाहनों से आए दिन वारदातें हो रही हैं। कभी लोगों को लिफ्ट देकर लूटा जा रहा है तो कभी ऐसे वाहनों से लोगों को झांसा देकर ठगी हो रही। पुलिस भी फर्जी नंबर प्लेट लगे इन वाहनों पर शिकंजा नहीं कस पा रही है।

शहर में वारदात कर फरार होने वाले बदमाश वाहनों के नंबर ट्रेस होने के बावजूद भी पकड़ में नहीं आ रहे हैं। वारदात के बाद पुलिस को चश्मदीद या फिर सीसीटीवी कैमरे से वाहन के नंबर तो आसानी से मिल जाते हैं लेकिन पुलिस इन नंबरों के आधार पर बदमाशों तक नहीं पहुंच पाती। पुलिस की जांच इन्हीं वाहनों के नंबर प्लेट तक सीमित हो जाती है। इसका कारण यह है कि फजीं नंबर प्लेट लगे वाहनों से ही बदमाश वारदात कर रहे हैं। कई बार तो बदमाशों के चक्कर में आम आदमी भी मुसीबत में आ जाते हैं। शहर में हुई कुछ घटनाओं में इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं। पिछले माह बिहार के एक व्यक्ति को फर्जी सीआइडी अफसर बताकर लूट करने वाले वाले बदमाशों ने कार पर बाइक की नंबर प्लेट लगाई थी। इसके बाद बदमाशों ने शिवालिक नगर हरिद्वार निवासी सतीश कौशिक को फर्जी पोस्ट ऑफिस का अधिकारी बता कर वाहन में लिफ्ट देकर जेवरात और नकदी ठगी ली थी। इस कार पर भी बाइक की नंबर प्लेट लगी थी। पुलिस ने जब इस नंबर को ट्रेस किया तो यह बाइक एक युवक की निकली थी। जांच पड़ताल में बाइक सवार युवक को भी परेशानी झेलनी पड़ी थी। इसके अलावा पुलिस ने एक डीसीएम को छह साल पहले पकड़ा था। यह डीसीएम एक स्कूटर के नंबर पर चल रहा था। वहीं कृष्णानगर निवासी एक युवक भी फाइनेंस कर्मियों से बचने के लिए बाइक की नंबर प्लेट लगाकर शहर में घूम रहा था। पुलिस के लिए इन वाहनों पर शिकंजा कस पाना चुनौती है। एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि सभी थाना प्रभारियों को चौपहिया वाहनों की नियमित चे¨कग करने तथा फर्जी नंबर प्लेट लगे वाहनों पर शिकंजा कसने के निर्देश दिए गए हैं।

Posted By: Jagran

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