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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हरिद्वार में दवा कंपनी में अवैध दवा निर्माण का भंडाफोड़, मालिक गिरफ्तार

Published: Sat, 07 Jun 2025 12:54 PM (IST)

हरिद्वार के सिडकुल क्षेत्र में एक दवा कंपनी पर एनसीबी और औषधि विभाग की संयुक्त छापेमारी में अवैध दवा निर्माण ...और पढ़ें

फैक्ट्री से भारी मात्रा में दवाएं व कच्चा माल जब्त कर उसे सील कर दिया गया। Concept
फैक्ट्री से भारी मात्रा में दवाएं व कच्चा माल जब्त कर उसे सील कर दिया गया। Concept

HighLights

  1. एनसीबी, राज्य एवं केंद्रीय औषधि विभाग तथा हरिद्वार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
  2. एनसीबी की टीम मालिक को अपने साथ ले गई दिल्ली

जागरण संवाददाता, हरिद्वार। जनपद के सिडकुल थाना क्षेत्र स्थित आइआइडीसी सेक्टर में एक दवा निर्माता कंपनी पर केंद्रीय नारकोटिक्स नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी), राज्य एवं केंद्रीय औषधि विभाग तथा हरिद्वार पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर अवैध दवा निर्माण का भंडाफोड़ किया।

कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री से भारी मात्रा में दवाएं व कच्चा माल जब्त कर उसे सील कर दिया गया। मौके से फैक्ट्री का मालिक सुनील कुमार वर्मा पुत्र चैन सुख, निवासी बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश) को हिरासत में लिया गया, जिसे बाद में एनसीबी की टीम अपने साथ दिल्ली ले गई।

यह कार्रवाई सब-जोन देहरादून की औषधि निरीक्षक अनीता भारती को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर की गई। बताया गया कि एक पुराने नारकोटिक्स केस की जांच के दौरान एनसीबी को इस फैक्ट्री के संचालन की जानकारी मिली थी। जब टीम ने सिडकुल स्थित उक्त इकाई पर दबिश दी, तो वहां दवा निर्माण प्रक्रिया चलती मिली।

पूछताछ में मालिक ने स्वयं को संचालक बताया और यह स्वीकार किया कि निर्माण कार्य उसी की देखरेख में हो रहा है। जांच में खुलासा हुआ कि फैक्ट्री के पास दवा निर्माण का कोई वैध लाइसेंस नहीं है, बल्कि वह खाद्य लाइसेंस के नाम पर अवैध रूप से औषधियों का निर्माण कर रहा था। प्राथमिक जांच में कुछ दवाओं में नारकोटिक तत्व होने की आशंका जताई गई है।

ऐसे में एनसीबी टीम ने पूरी दवा खेप व कच्चे माल को सील कर जब्त किया और जांच के लिए साथ ले गई। राज्य व केंद्रीय औषधि विभाग की टीम ने भी विभिन्न दवाओं के नमूने लेकर उन्हें प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल फैक्ट्री को सील कर दिया गया है और पुलिस की निगरानी में रखा गया है। एनसीबी टीम में इंस्पेक्टर पारस नाथ, सब इंस्पेक्टर संदीप कुमार, अजीत सिंह मीणा और सिपाही अमन शर्मा शामिल रहे।

राज्य औषधि विभाग से अनीता भारती, हरीश सिंह, मेघा (हरिद्वार), अमित कुमार आजाद (रुद्रप्रयाग) और ऋषभ धामा (टिहरी), केंद्रीय टीम में सहायक औषधि नियंत्रक कमल हलदार, डॉ. मनीष कुमार, अंजन कुमार, महेन्द्र सिंह, पुलिस टीम में सब इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह व सिपाही कुलदीप डिमरी, कुलदीप सिंह, सुनील सैनी और अनिल कंडारी शामिल रहे।