जागरण संवाददाता, हरिद्वार: जिला कारागार रोशनाबाद से मिला मोबाइल जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा। चूंकि मोबाइल से सिम और बैटरी गायब मिली है। लिहाजा पुलिस अब आइएमईआइ नंबर से राज खोलने का प्रयास करेगी।

जिला कारागार रोशनाबाद में शुक्रवार को कुख्यात जीवा के शूटर शाहरुख पठान और बंदी रक्षक नितिन सजवाण के बीच झगड़ा हो गया था। नितिन का आरोप था कि उसने शाहरुख को मोबाइल पर बात करते हुए देखा है। रोकने पर शाहरुख ने उसके साथ मारपीट की है। जेल में सुनवाई न होने पर बंदी रक्षक इकट्ठे होकर जिलाधिकारी के पास जा पहुंचे थे। जेल के अधिकारी पहले दिन दिन से शाहरुख के मोबाइल चलाने की बात से इनकार कर रहे थे, लेकिन अगले ही दिन जेल में शौचालय की छत से एक स्मार्ट फोन बरामद हुआ। इस मामले में हालांकि जेल अधीक्षक बीपी पांडेय की ओर से ही अज्ञात के खिलाफ सिडकुल थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है, लेकिन एक दिन पहले जेल में मोबाइल न चलने का दावा झूठा पड़ने से सवाल उठ रहे हैं। मोबाइल से सुराग जुटाने के लिए पुलिस उसे फॉरेंसिक लैब भेजेगी। सिडकुल थानाध्यक्ष देवराज शर्मा ने बताया कि मोबाइल को जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा। जिससे मोबाइल में इस्तेमाल होने वाले सिम के बारे में जानकारी जुटाई जा सकेगी। बाद में उसे नंबर की डिटेल खंगाली जाएगी। उन्होंने बताया कि मोबाइल कौन इस्तेमाल कर रहा था और किससे बात की जा रही थी, इस बारे में पूरी तह तक पड़ताल की जाएगी।

मोबाइल से किसने गायब किया सिम

हरिद्वार: जेल में शौचालय की छत से मिले मोबाइल की बैट्री व सिम गायब मिला है। जेल में मोबाइल पहली बार नहीं मिला है। ऐसे में किसी कैदी को सामान्य तौर पर मोबाइल फेंकना या छिपाना होगा तो बैट्री क्यों निकालेगा। अगर सिम और बैट्री किसी खास मकसद से निकाली गई है तो वह कौन है जिसके इशारे पर यह सब किया गया है। सुबूत मिटाकर किसे बचाने का प्रयास किया गया है। ऐसे कई सवाल स्वभाविक रूप से उठ रहे हैं।

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