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हरिद्वार के जंगल में हुआ हाथियों के बीच संघर्ष, हमले में मखने हाथी की मौत के मिले चौंकाने वाले कारण

Published: Mon, 09 Feb 2026 09:08 PM (IST)

हरिद्वार वन प्रभाग की श्यामपुर रेंज में एक मखने हाथी की मौत हो गई। वन अधिकारियों के अनुसार, हाथी का ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

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संवाद सूत्र, श्यामपुर (हरिद्वार)। हरिद्वार वन प्रभाग की श्यामपुर रेंज के खारा चौकी के समीप आपसी संघर्ष में एक मखने हाथी की मौत हुई है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार आपसी संघर्ष के बाद घायलावस्था में हाथी पर बाघ ने भी हमला कर उसे लहूलुहान किया।

हाथी के कान और उसके पिछले हिस्से से बाघ ने हाथी का शिकार भी किया है। डाक्टरों की टीम ने हाथी के शव का पोस्टमार्टम कर उसे दफना दिया है।

हरिद्वार वन प्रभाग की उप प्रभागीय वनाधिकारी पूनम कैंथोला ने बताया कि श्यामपुर रेंज और चीला रेंज के मिलान पर खारा चौकी है, जहां वन कर्मी सोमवार सुबह गश्त पर थे।

तभी उन्हें चौकी के 200 मीटर की दूरी पर एक हाथी लेटा दिखाई दिया, काफी सुझबुझ के साथ उसके समीप पहुंचे तो हाथी के शरीर में चोट ओर खून के निशान मिले।

आसपास की मिट्टी में संघर्ष के निशान भी नजर आए। सूचना मिलते ही वन क्षेत्राधिकारी श्यामपुर विनय राठी, आलाधिकारी और डॉ. अमित ध्यानी व पार्क के डॉ. विवेकानंद सती के साथ मौके पर पहुंचे।

पड़ताल में सामने आया कि मखने हाथी का किसी अन्य हाथी से आपसी संघर्ष हुआ है, जिसके बाद आसपास बाघ के पद चिह्न व मृत हाथी के शरीर में कई जगह पंजे के निशान ओर जगह जगह शरीर का मांस गायब मिला, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि हाथी के घायलावस्था में किसी बाघ ने उस पर हमला किया हो।

उप प्रभागीय वनाधिकारी पूनम कैंथोला ने कहा कि हाथी के कान के नीचे से मांस गायब है, साथ ही उसके पिछले हिस्से का शिकार भी किया गया है। डाक्टरों की टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद हाथी के शव को दफना दिया है। डा. अमित ध्यानी ने बताया कि हाथी की उम्र 30 से 35 वर्ष के बीच आंकी जा रही है।

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