संवाद सहयोगी, रुड़की: शहर और आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य के नाम पर लोगों के साथ कितना बड़ा खिलवाड़ हो रहा है इसकी जानकारी स्थानीय स्वास्थ्य विभाग को नहीं है। बाहर से आने वाली स्वास्थ्य विभाग की टीम ही हमेशा कार्रवाई कर स्थानीय स्वास्थ्य विभाग को आइना दिखाती है।

शहर में धड़ल्ले से अल्ट्रासाउंड सेंटर पर जन्म से पूर्व ¨लग जांच चल रही थी, लेकिन स्थानीय स्वास्थ्य विभाग को कभी इसकी भनक तक नहीं लगी। हरियाणा से आई स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पिछले साल दो अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर जन्म से पूर्व ¨लग जांच करते हुए दो डॉक्टरों को रंगेहाथ पकड़ा था। इनमें से एक के खिलाफ तो कार्रवाई हुई। वह जेल तक भी गया, लेकिन सारे सबूत देने के बाद भी एक अन्य डॉक्टर पर स्वास्थ्य विभाग आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर सका है। इसी तरह रुड़की और कलियर में मेडिकल स्टोर पर प्रतिबंधित एवं नशीली दवाओं के मामले में भी स्थानीय स्वास्थ्य विभाग कभी कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाया। पंजाब के जालंधर से आई टीम ने कलियर के मेडिकल स्टोर से नशीली दवाएं पकड़ी और नकली दवाओं को बेचने वाले को भी पकड़कर ले गई, लेकिन यहां के स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन को इसकी जानकारी तब होती है जब किसी दूसरे राज्य की पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम कार्रवाई कर चुकी होती है। नकली दवा के मामले में भी स्थानीय स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अंजान है। लेकिन उत्तर प्रदेश और राजस्थान की स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यहां छापे मारकर नकली दवाएं पकड़ी हैं।

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