संवाद सहयोगी, रुड़की: रुड़की क्षेत्र नकली और नशीली दवाओं का गढ़ बन चुका है। जहां एक ओर कंपनियों में नकली दवाएं पकड़ी जा रही हैं। वहीं मेडिकल स्टोर से नशीली और प्रतिबंधित दवाएं मिल रही हैं। ड्रग विभाग की टीम जब भी किसी कंपनी और मेडिकल स्टोर को खंगालती है तो वहां नकली और नशीली दवाएं उम्मीद से ज्यादा मिलती हैं। टीम की दस्तक की सूचना मिलते ही तमाम मेडिकल स्टोर में ताले लटक जाते हैं। हैरानी की बात यह है कि चेकिग के समय मेडिकल स्टोर के बंद होने को ड्रग विभाग भी गंभीरता से नहीं लेता है।

रुड़की क्षेत्र में दो दिन तक एफडीए (ड्रग एंड फूड ऑथरिटी)की टीम ने शहर और देहात क्षेत्र में कार्रवाई की। टीम ने तीन पहले मकतूलपुरी स्थित दवाओं के एक थोक विक्रेता के गोदाम पर छापा मारा था। जहां से टीम को भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं मिली थी। टीम ने पूरे दलबल के साथ रुड़की एवं भगवानपुर क्षेत्र में यह कार्रवाई की। इस दौरान टीम को अधिकांश मेडिकल स्टोर पर ताले ही लटके मिले। तमाम मेडिकल स्टोर स्वामी टीम की भनक लगते ही अपने मेडिकल स्टोर बंद करके चले गए। रुड़की और भगवानपुर के कुछ ऐसे मेडिकल स्टोर भी बंद हो गए थे जो सुबह से खुलने के बाद देर रात बंद होते हैं। लोगों का कहना है कि जब मेडिकल स्टोर पर नशीली दवाएं नहीं मिलती हैं तो फिर उन्हें टीम के आने पर बंद क्यों किया जाता है। वहीं टीम भी ऐसे मेडिकल स्टोर को चिह्नित क्यों नहीं करती है जो उनके आने पर बंद हो जाते हैं। जबकि ऐसे मेडिकल स्टोर की चेकिग से बच जाते हैं। दो सप्ताह पहले कलियर क्षेत्र में एक मेडिकल स्टोर पर छापा मारकर ड्रग विभाग की टीम ने भारी मात्रा में नशीली दवाएं बरामद की थी। उस समय भी कलियर क्षेत्र के अधिकांश मेडिकल स्टोर बंद हो गए थे। मेडिकल स्टोर बंद होने से वह टीम की कार्रवाई से बच जाते हैं। ड्रग इंस्पेक्टर सीपी नेगी ने बताया कि चेकिग के दौरान यदि कोई मेडिकल स्टोर बंद होता है तो ऐसे मेडिकल स्टोर को चिह्नित उनमें चेकिग कराई जाएगी। मेडिकल स्टोर में प्रतिबंधित दवाएं मिलती है तो मेडिकल स्टोर स्वामी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप

आज़ादी की 72वीं वर्षगाँठ पर भेजें देश भक्ति से जुड़ी कविता, शायरी, कहानी और जीतें फोन, डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Jagran